अमरावती मनपा आमसभा में हंगामा: सफाई व्यवस्था, आवारा कुत्ते और शिक्षक भर्ती पर विपक्ष का तीखा वार निर्देश दिए

Amravati News: अमरावती की मनपा की आमसभा में स्वच्छता व्यवस्था और आवारा कुत्तों की समस्या पर तीखी बहस हुई। पार्षदों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सुधार की मांग की।
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Amravati Municipal Corporation: अमरावती गुरुवार को मनपा की आम सभा में गुरुवार को स्वच्छता व्यवस्था और आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। डॉ। बाबासाहब आंबेडकर सभागार में आयोजित बैठक के दौरान पार्षदों ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए तीखी बहस की।बैठक की शुरुआत में लंबित प्रस्तावों पर चर्चा हुई, लेकिन जल्द ही सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।

पार्षदों ने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं है और उनकी उपस्थिति भी नियमित नहीं रहती। इस पर अधिकारियों ने शहर में सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जानकारी दी, लेकिन जवाब से असंतुष्ट पार्षदों ने विरोध जताया। महिला पार्षदों ने सार्वजनिक और स्कूलों के शौचालयों की सफाई का मुद्दा उठाया, जबकि कुछ सदस्यों ने कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने की मांग की।

इस दौरान सभागार में कुछ समय के लिए गहमागहमी का माहौल बन गया।इसी तरह, शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या, सफाई व्यवस्था को लेकर विपक्ष नेता विलास इंगोले, बबलू शेखावत, अनिल अग्रवाल, लता देशमुख, मिलिंद बांबल, एमआईएम गुट नेता शेख हमीद ने भी तीखी चर्चा की। पार्षदों ने पशु चिकित्सा विभाग से ठोस उपायों की जानकारी मांगी और नसबंदी अभियान तथा कुत्तों की संख्या पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने की मांग की।

अंत में महापौर ने प्रशासन को स्वच्छता व्यवस्था सुधारने और कुत्तों की समस्या पर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। फोटो मनपा सभासफाई व्यवस्था पर उठे सवालसभा में पार्षद अविनाश मार्डीकर ने सफाई कर्मचारियों के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं होने का आरोप लगाते हुए तय समय पर उपस्थिति नहीं रहने की शिकायत की तथा सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग भी की।

18 शिक्षक भर्ती को लेकर काफी चर्चामनपा के प्रशासन कार्यकाल में बाहरी क्षेत्र के करीब 18 शिक्षक भर्ती को लेकर काफी चर्चा की गई। इस समय मिलिंद चिमोटे ने कहा कि शहर में पहले ही बेरोजगारों की संख्या बडे पैमाने पर ऐसे में बाहरी क्षेत्र को मौका देकर उन्हें स्थायी करने की बजाए शिक्षक सेवक के रुप में समावेश करने पर मनपा का आर्थिक बचत के साथ शहरी शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार मिल जाता। इसी तरह शालाओं में सीसीटीवी कैमरे तथा टीवी खरीदने को लेकर भी काफी आरोप लगाए गए।

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