

Amravati Forest Department: पिछले एक हफ्ते से मोर्शी, चांदूर बाजार और तिवसा इलाकों में आतंक मचाकर तीन लोगों की जान लेने वाली आदमखोर बाधिन को सोमवार को वन विभाग ने ट्रैकुलाइज (बेहोश) करके पकड़ लिया। हालांकि, उसे इलाज के लिए नागपुर के गोरेवाड़ा वन्यजीव बचाव केंद्र ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि यह बाघिन गर्भवती हो सकती है।
वन विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि उसकी मौत का कारण बेहोशी की दवा की अत्यधिक खुराक (ओवरडोज) थी या कोई अन्य वजह इसका पता लगाया जा रहा है। सोमवार को बाघिन ने शिरजगांव कसबा परिसर में एक किसान का शिकार किया था। जिसमें उसकी मौत हो चुकी थी। इसके पूर्व बाघिन ने मोर्शी के भांबोरा गांव में किसान और रिद्धपुर के सोनोरी गांव में 22 वर्षीय उर्मिला का शिकार किया था। इस खूंखार बाघिन के पकड़े जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी।
जानकारी के अनुसार सोमवार को बाघिन ने शिरजगांव कसबा निवासी किसान दिनेश शंकर आवारे (52) पर हमला कर दिया। हमला इतना खौफनाक था कि बाघिन उन्हें लगभग 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गई, जिससे उनका सिर धड़ से अलग हो गया। इस घटना से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और भारी भीड़ जमा हो गई थी।
किसान पर हमले की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की। कुछ ही दूरी पर बाधिन के दिखाई देते ही उसे बेहोशी का इंजेक्शन मारा गया। इसके बाद ड्रोन कैमरे की मदद से उस पर लगातार नजर रखी गई। कुछ ही देर में बाधिन घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर एक नाले में बेहोश मिली, जिसके बाद टीम ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर अपने कब्जे में ले लिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन के - वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि तुरंत मौके पर पहुंचे। क्षेत्रीय विधायक प्रवीण तायडे, पूर्व सांसद नवनीत राणा, सुरेखा ठाकरे और उत्कर्ष देशमुख सहित कई नेताओं ने घटनास्थल का दौरा किया।
करीब एक सप्ताह से मोर्शी, चांदुर बाजार, तिवसा क्षेत्र में बाधिन ने दहशत फैला दी थी। रविवार की रात से ही वनविभाग की चंद्रपुर, नागपुर व अमरावती की टीम बाघिन की तलाश में थी। सोमवार को बाधिन ने शिरजगांव कसबा में दिनेश आवारे का शिकार किया, यह जानकारी मिलने पर तीनों टीम शिरजगांव पहुंची और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में कैद किया गया।