Amravati District: महाराष्ट्र शेतकरी कर्जमाफी योजना में नया आदेश, किसानों को फायदा

Farmer Loan Waiver: सरकार की पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना 2026 के तहत किसानों को बड़ी राहत दी गई है। 2 लाख रुपये तक कर्ज माफी और बकाया राशि पर ब्याज न लगाने का आदेश जारी किया।
maharashtra karmukti yojana 2026 farmers interest waiver ots scheme
Farmers Scheme (सोर्सः एआय जनरेटेड फोटो-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Amravati Farmers : राज्य सरकार की पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना2026 के तहत लाभार्थी किसानों को बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने आदेश जारी किया है कि जिला केंद्रीय सहकारी बैंक और कार्यकारी सहकारी समितियां फसल कर्ज की बकाया राशि पर तब तक कोई ब्याज नहीं लेंगी, जब तक योजना की राशि सीधे किसानों के खातों में जमा नहीं हो जाती। यह आदेश सहकारिता, मार्केटिंग और कपड़ा विभाग द्वारा जारी किया गया है।

कैबिनेट मंजूरी और योजना का दायरा

राज्य कैबिनेट ने 2 जून 2026 को इस कर्ज राहत योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत 30 सितंबर 2025 तक के योग्य शॉर्ट टर्म फसल कर्ज में 2 लाख रुपये तक की कर्ज माफी दी जाएगी। जिन किसानों पर 2 लाख रुपये से अधिक बकाया है, उन्हें अतिरिक्त राशि चुकाने के बाद वन टाइम सेटलमेंट OTS योजना के तहत लाभ दिया जाएगा।

क्रियान्वयन प्रक्रिया

सरकार ने योजना के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किए हैं। जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों और सहकारी समितियों से योग्य खातों का डेटा कंप्यूटराइज्ड सिस्टम पर अपलोड किया जा रहा है। इसके बाद खातों का सत्यापन, अयोग्य खातों की छंटनी और लाभार्थियों की सूची तैयार कर राशि सीधे खातों में जमा की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में समय लग सकता है।

ब्याज रोकने का प्रावधान

सरकारी आदेश के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से पात्र किसानों के बकाया फसल कर्ज पर तब तक कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा, जब तक कर्ज माफी की राशि उनके खातों में जमा नहीं हो जाती। यह निर्णय महाराष्ट्र सहकारी सोसायती अधिनियम के तहत लागू किया गया है और सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों एवं सहकारी संस्थाओं पर लागू रहेगा।

किसानों को राहत का उद्देश्य

सरकार का उद्देश्य इस व्यवस्था के माध्यम से किसानों पर अतिरिक्त ब्याज का बोझ रोकना और कर्ज माफी का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। योजना के लागू होने तक किसानों को किसी प्रकार की आर्थिक दिक्कत न हो, इसके लिए यह कदम उठाया गया है।

Navbharat Live
navbharatlive.com