

Amravati Dam Water Level: अमरावती जिले में इस वर्ष मानसून की निरंतर सक्रियता के चलते जलाशयों में जल संचय की स्थिति काफी संतोषजनक और पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर नजर आ रही है। जिले के सभी 56 सिंचाई प्रकल्पों में कुल मिलाकर 45.60% उपयोगी जलसंग्रह दर्ज किया गया है। वर्तमान में कुल 1047.14 दलघमी की क्षमता के मुकाबले बांधों में 477.48 दलघमी पानी उपलब्ध है। पिछले वर्ष आज ही के दिन जिले में कुल जलसंग्रह मात्र 42.47% (444.74 दलघमी) था।
जिले के सबसे बड़े और प्रमुख जलप्रकल्प 'ऊर्ध्व वर्धा' बांध में पानी की आवक समाधानकारक है। कुल 564.04 दलघमी की क्षमता वाले इस बांध में अब तक 288.68 दलघमी (51.18%) उपयोगी जलसंग्रह हो चुका है। बांध क्षेत्र में 1 जून से अब तक कुल 296 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की बारिश (184 मिमी) से कहीं अधिक है। पिछले साल आज की तिथि को इस बांध में 47.53% पानी उपलब्ध था।
जिले के कुल 48 लघु प्रकल्पों में इस समय तक 38.03% (86.28 दलघमी) पानी आ चुका है। यह पिछले साल के 33.22% (75.37 दलघमी) के स्तर से लगभग 5% अधिक है, जिससे ग्रामीण इलाकों और कृषि सिंचाई को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जिले के 7 मध्यम प्रकल्पों में इस समय कुल 40.01% जलसंग्रह हो चुका है। चंद्रभागा बांध में इस समय सबसे बेहतर स्थिति में है, जहां कुल क्षमता का 80.25% जल संचय हो चुका है। पूर्णा बाध 69.74% तक भर चुका है।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन द्वारा पूर्णा बांध के 2 गेट 5 सेंटीमीटर तक खोल दिए गए हैं, जिससे 7.56 घन मीटर प्रति सेकंड (क्यूमेक्स) की गति से पानी का विसर्ग लगातार जारी है। सापन प्रकल्प में 41.01% और शहानूर प्रकल्प में 33.41% पानी का स्टॉक उपलब्ध है, अत्यधिक बारिश के बाद भी गडगा मध्यम प्रकल्प में इस वर्ष भी शून्य फीसदी जल संचय दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष भी सूखा ही था। पंढरी में 21.49% और बोर्डी नाला में 11.72% जल स्तर बना हुआ है।