फायर सेफ्टी नियमों में व्यावहारिक राहत दें, अमरावती में कोचिंग क्लास संचालकों की मांग
Fire Safety Rules: अमरावती जिला निजी कोचिंग क्लासेस संघर्ष समिति ने फायर सेफ्टी नियमों में व्यावहारिक राहत की मांग को लेकर महापौर श्रीचंद तेजवानी को ज्ञापन सौंपा।
Fire Safety Regulations (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Amravati Coaching Classes: कोचिंग क्लासेस को जारी किए गए अग्निसुरक्षा नोटिस के संदर्भ में मार्गदर्शन और सहयोग के लिए अमरावती जिला निजी कोचिंग क्लासेस संघर्ष समिति की ओर से मनपा महापौर श्रीचंद तेजवानी को नियमों में व्यवहारिक राहत देने की मांग ज्ञापन में की गई।फोटो फायर मिटिंगज्ञापन में कहा कि छात्रों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे सरकार द्वारा तय किए गए सभी सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
हालांकि, उन्होंने प्रशासनिक कठिनाइयों को सामने रखते हुए कहा कि शहर के अधिकांश कोचिंग क्लासेस किराए की इमारतों में चल रहे हैं। नियमानुसार, इमारतों में अग्निसुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मुख्य जिम्मेदारी भवन मालिकों की होती है। ऐसे में सभी शर्तों को तुरंत पूरा करना कोचिंग संचालकों के लिए आर्थिक और तकनीकी रूप से बेहद कठिन है।
कोचिंग क्लासेस पर फायर सेफ्टी नियमों का मुद्दा
समिति ने यदि इस पर अचानक कठोर कार्रवाई की गई, तो छात्रों का भारी शैक्षणिक नुकसान होगा और शिक्षक व कर्मचारियों के रोजगार पर भी संकट आ जाएगा, ऐसी आशंका जताई। छात्रों का नहीं होगा नुकसानसंघर्ष समिति ने छोटे और मध्यम स्तर के कोचिंग क्लासेस को महंगे फायर ऑडिट से छूट देने, उन्हें केवल अग्निशामक यंत्र लगाने की अनुमति देने की मांग की।
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छात्रों के हित में समाधान की मांग
महापौर ने स्पष्ट किया कि इस विषय का व्यावहारिक और सर्वमान्य हल निकालने के लिए जल्द ही संबंधित अधिकारी, अग्निशमन फायर विभाग, प्रशासन, भवन मालिक और कोचिंग क्लास के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियमों का पालन करवाते समय किसी भी छात्र का शैक्षणिक नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और छोटेमध्यम कोचिंग संचालकों को पूरा न्याय मिलेगा।
