अमरावती क्राइम रिपोर्ट: शहर में कुल अपराधों में आई कमी, डकैती घटी पर हत्या के मामलों ने बढ़ाई चिंता

Amravati Police आयुक्तालय ने वर्ष 2025 का लेखा-जोखा जारी किया है। पिछले साल के मुकाबले कुल अपराधों में 201 की कमी आई है, हालांकि हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
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अमरावती पुलिस की वार्षिक रिपोर्ट: 2604 मामले दर्ज, फोटो- सोशल मीडिया
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Amravati City Police crime rate 2025: शहर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र के लिए वर्ष 2025 मिला-जुला परिणाम लेकर आया है। अमरावती पुलिस द्वारा जारी वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस साल कुल दर्ज अपराधों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। 1 जनवरी 2025 से 28 दिसंबर 2025 तक शहर में कुल 2604 विभिन्न मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 2805 थी।

इस तरह कुल अपराधों में 201 की कमी आई है, जो पुलिस की गश्त और प्रभावी कार्रवाई का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है। हालांकि, डकैती और चोरी में गिरावट के बावजूद हत्या जैसे संगीन अपराधों के बढ़ते आंकड़ों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

गंभीर अपराधों का आंकड़ा: हत्या और हाफ मर्डर में बढ़ोत्तरी

रिपोर्ट के सबसे चिंताजनक पहलू 'हत्या' और 'हत्या के प्रयास' (हाफ मर्डर) से जुड़े हैं। वर्ष 2024 में हत्या के 32 मामले सामने आए थे, जो 2025 में बढ़कर 39 हो गए हैं। यानी हत्या की वारदातों में 7 मामलों का इजाफा हुआ है। इसी तरह, हत्या के प्रयास के मामलों में भी 10 की बढ़ोत्तरी देखी गई है; पिछले साल के 52 मामलों के मुकाबले इस साल 62 घटनाएं दर्ज हुईं। पुलिस प्रशासन के लिए राहत की बात यह है कि हत्या के 39 मामलों में से 38 का खुलासा (डिटेक्शन) किया जा चुका है और केवल एक मामला जांच के अधीन है।

डकैती और वाहन चोरी में सुधार, सेंधमारी बरकरार

शहर में संपत्ति संबंधी अपराधों की बात करें तो डकैती के मामलों में बड़ी राहत मिली है। पिछले साल डकैती की 14 वारदातें हुई थीं, जो इस साल घटकर केवल 9 रह गई हैं। वाहन चोरी में भी सुधार देखा गया है, जहाँ आंकड़ा 393 से घटकर 369 पर आ गया है। हालांकि, जबरन चोरी (74 से 89), सेंधमारी (267 से 275) और सामान्य चोरी (381 से 400) के मामलों में मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है, जो दर्शाती है कि रिहायशी इलाकों में सुरक्षा और बढ़ाने की आवश्यकता है।

नाबालिगों का अपराध की ओर बढ़ता रुझान: एक सामाजिक संकट

पुलिस की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि हत्या और जानलेवा हमलों जैसी गंभीर घटनाओं में नाबालिगों की संलिप्तता बढ़ी है। इसके पीछे खराब संगत, नशे की लत, पारिवारिक उपेक्षा और सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। त्वरित पैसा कमाने की चाहत और रील लाइफ के रुतबे का लालच युवाओं को कानून के रास्ते से भटका रहा है।

विविध अपराधों का तुलनात्मक विवरण

पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अन्य श्रेणियों में स्थिति इस प्रकार रही:

महिला सुरक्षा: विनयभंग के मामले 160 से बढ़कर 180 हुए, जबकि अत्याचार (दुष्कर्म) के मामलों में 51 से 50 की मामूली गिरावट रही।

धोखाधड़ी: ऑनलाइन और ऑफलाइन धोखाधड़ी में बड़ी गिरावट आई है, जहाँ 166 मामलों के मुकाबले केवल 39 मामले दर्ज हुए।

दुर्घटनाएं: सड़क हादसों में भी कमी देखी गई है (384 से घटकर 340)।

अपहरण: पिछले वर्ष 124 के मुकाबले इस वर्ष 121 मामले दर्ज हुए।

पुलिस की सक्रियता और भविष्य की रणनीति

अमरावती शहर पुलिस के अनुसार, कुल अपराधों में 201 की कमी पुलिस की मुस्तैदी को दर्शाती है। विशेष रूप से मारपीट (560 से 538) और सरकारी कर्मचारी पर हमले के मामलों को स्थिर रखने में सफलता मिली है। पुलिस अब नए साल में नाबालिगों की काउंसलिंग और संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी नेटवर्क को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि गंभीर अपराधों पर भी पूर्ण नियंत्रण पाया जा सके।

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