Amravati Ambedkar Jayanti Irwin Chowk News: अमरावती में डॉ. बाबासाहब आंबेडकर जयंती की 135वीं वर्षगांठ पर इर्विन चौक स्थित प्रतिमा स्थल पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहर नीले रंग में रंगा नजर आया और भीम गीतों की धुन पर युवाओं का उत्साह चरम पर रहा। देर रात 12 बजे केक काटकर और आतिशबाजी के साथ जयंती का भव्य आगाज किया गया।
मंगलवार सुबह से ही कड़ी धूप के बावजूद जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर डॉ. भीमराव आंबेडकर को अभिवादन किया। विभिन्न प्रभागों से निकली रैलियों में युवाओं ने डीजे की धुन पर नृत्य करते हुए नीले गुलाल से एक-दूसरे का स्वागत किया।
डॉ. आंबेडकर पुतला सौंदर्यीकरण समिति द्वारा सामूहिक अभिवादन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद बलवंत वानखडे ने की, जबकि उद्घाटन पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के हस्ते हुआ। प्रख्यात विचारक संजय आवटे ने “संविधान के 75 वर्ष” विषय पर व्याख्यान दिया।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे, पूर्व मंत्री सुनील देशमुख, प्रवीण पोटे, विधायक सुलभा खोडके, पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को जीवन गौरव, जीवन संघर्ष एवं कर्तव्यपूर्ति पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
इर्विन चौक परिसर में एकता रैली आयोजन समिति द्वारा सत्कार समारोह आयोजित किया गया। अध्यक्षता समाजसेवक चंद्रकुमार जाजोदिया ने की। इस अवसर पर पद्मश्री प्रभाकरराव वैद्य को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
जिला कलेक्ट्रेट, विभागीय आयुक्तालय और जिला सूचना कार्यालय में भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की
मनपा में महापौर श्रीचंद तेजवाणी ने सभागृह में प्रतिमा का पूजन किया। इसके बाद इर्विन चौक स्थित प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया गया। विभिन्न राजनीतिक दलों, संगठनों और सामाजिक समूहों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर अभिवादन किया।
विधायक रवि राणा एवं पूर्व सांसद नवनीत राणा ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर नागरिकों में भाजीपुरी और बूंदी के लड्डू वितरित किए गए। समूचे शहर में उत्साह, श्रद्धा और सामाजिक एकता का माहौल देखने को मिला, जहां हर वर्ग ने एकजुट होकर बाबासाहब के विचारों को अपनाने का संकल्प लिया।