Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

अमरावती खेती में गहराया श्रमिक संकट, मशीनीकरण बना किसानों का सहारा; मजदूरों की कमी से बदला फसलों का पैटर्न

अमरावती में मानसून पूर्व खेती के कामों के बीच मजदूरों की भारी कमी देखी जा रही है। किसान अब पारंपरिक तरीकों के बजाय ट्रैक्टर और मशीनों पर निर्भर हैं, जिससे कपास की जगह सोयाबीन-तूर की बुवाई बढ़ रही है।

  • Author By Anuj Sahu | published By रूपम सिंह |
Updated On: Apr 15, 2026 | 01:27 PM
Follow Us
Close
Follow Us:

Amravati Agriculture News: अमरावती मानसून पूर्व खेत तैयार करने के कामों में तेजी आ गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों की भारी कमी महसूस की जा रही है। इसके चलते किसान अब पारंपरिक बैल और मजदूरों पर निर्भर रहने के बजाय ट्रैक्टर और अन्य मशीनों का अधिक उपयोग कर रहे हैं।

मजदूरों की कमी के कारण चार दिन में होने वाला काम अब ट्रैक्टर से एक दिन में पूरा किया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में खेती में मजदूरों की संख्या में भारी गिरावट आई है। खासकर आदिवासी मजदूर अब शहरों में निर्माण कार्य की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे गांवों में श्रमिक संकट गहरा गया है।

मजदूरी दरों में भी हुआ इजाफा

मजदूरों की कमी के कारण मजदूरी दर 300 से 500 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। वहीं ट्रैक्टर से जुताई के दर 700 से 900 रुपये प्रति एकड़ और रोटावेटर के लिए करीब 1200 रुपये प्रति एकड़ हैं। मशीनों के उपयोग से किसानों का समय और कुछ हद तक खर्च भी बच रहा है।

सम्बंधित ख़बरें

अशोक खरात से संपर्क करने वाले सभी नेताओं का नाम उजागर, प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंजलि दमानिया ने किया बड़ा खुलासा

Nagpur: खिंडसी जलाशय में ‘हैप्पी हिल्स’ का शुभारंभ, रामटेक में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

Nagpur: किट्स रामटेक का वार्षिक उत्सव, नवाचार और युवा शक्ति के के साथ रंगारंग कार्यक्रमों की धूम

Nagpur: पानी संकट पर मोहपा प्रशासन ‘एक्शन मोड’ में, कम दबाव और अव्यवस्था पर सख्त निर्देश

अब जुताई, बुवाई, दवा छिड़काव से लेकर कटाई तक के अधिकांश कार्य मशीनों से किए जा रहे हैं। मजदूरों की कमी के चलते किसानों का रुझान कपास से हटकर तूर और सोयाबीन जैसी फसलों की ओर बढ़ रहा है। मजदूरों की कमी के चलते खेती में यंत्रीकरण तेजी से बढ़ रहा है, जो भविष्य में कृषि पद्धति को पूरी तरह बदल सकता है।

एकमात्र विकल्प मशीनें

पिछले कुछ वर्षों से मजदूरों की कमी के कारण खेती के काम समय पर नहीं हो पाते। अब मशीनों का सहारा लेना ही एकमात्र विकल्प है।
विक्रम देशमुख, किसान

ट्रैक्टर का उपयोग जरूरी

मजदूरों की कमी से पारंपरिक तरीके से जुताई करना मुश्किल हो गया है, इसलिए बागानों में भी ट्रैक्टर का उपयोग करना पड़ रहा है।
प्रफुल्ल नवघरे, किसान

मजदूरों की कम उपलब्धता

सरकारी योजनाओं के कारण मजदूरों की उपलब्धता कम हो गई है, जिससे खेती की जुताई और बुवाई कठिन हो रही है।
विनायक ईसल, किसान

Amravati agriculture labor shortage mechanization tractor usage crop pattern shift

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 15, 2026 | 09:56 AM

Topics:  

  • Amravati News
  • Maharashtra News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.