आपले सरकार पोर्टल की शिकायतों पर जिला परिषद सख्त, तिवसा-भातकुली-चांदूर बाजार को सुनवाई के आदेश
Aaple Sarkar Portal: अमरावती जिप ने आपले सरकार और PG पोर्टल पर दर्ज ग्राम पंचायत संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तिवसा, भातकुली और चांदूर बाजार पंचायत समितियों को त्वरित सुनवाई के निर्देश दिए।
Aaple Sarkar Portal (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Amravati Zilla Parishad: आपले सरकार और पीजी पोर्टल पर दर्ज होने के बाद जिला परिषद स्तर पर एस्कलेट वरिष्ठ स्तर पर स्थानांतरित हुईं ग्राम पंचायतों से संबंधित शिकायतों को अमरावती जिला परिषद ने बेहद गंभीरता से लिया है। इन शिकायतों पर संबंधित पक्षों को प्रत्यक्ष बुलाकर तुरंत सुनवाई करने और मामलों को निपटाने के कड़े आदेश तिवसा, भातकुली और चांदूर बाजार पंचायत समितियों को दिए गए हैं। बीडीओ करेंगे शिकायतों की प्रत्यक्ष सुनवाई जिला परिषद के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी पंचायत बालासाहेब बायस ने 16 जून को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए।
दरअसल पंचायत समिति स्तर पर समय पर शिकायतों का निपटारा न होने के कारण नाराज शिकायतकर्ताओं ने अपने मामलों को जिला परिषद स्तर पर एस्कलेट कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित गटविकास अधिकारी खुद इन मामलों की सुनवाई लें, प्रत्येक मामले का वस्तुनिष्ठ व निष्पक्ष निष्कर्ष निकालें और उसके अनुसार तत्काल उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
ग्रामीण शिकायतों की जांच तेज
इन गांवों की कुल 8 शिकायतों की होगी जांच जिला परिषद द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, तिवसा, भातकुली और चांदूर बाजार पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली कुल 8 प्रमुख शिकायतों की समीक्षा की गई है। इनमें मुख्य रूप से तिवसा तहसील के आखतवाड़ा, भातकुली, फुबगांव, चिचोली काले, बोराला, चांदुर बाजार तहसील के कोतगांवडी पूर्णा गांव का समावेश है।
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BDO करेंगे मामलों की प्रत्यक्ष सुनवाई
दोबारा एस्कलेट न हों मामले, बरतें विशेष सतर्कता जारी किए गए आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि सभी संबंधित शिकायतों की नियमानुसार सुनवाई की जाए, आवश्यक कार्रवाई करने के बाद उसका एक विस्तृत रिपोर्ट जिला परिषद को भेजा जाए और साथ ही शिकायतकर्ताओं को भी लिए गए निर्णय की पूरी जानकारी दी जाए।
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इसके अलावा, अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है ताकि ये मामले दोबारा उच्च या वरिष्ठ स्तर पर एस्कलेट न होने पाएं। इस कड़े रुख से ग्रामीण इलाकों की अटकी हुई शिकायतों के जल्द निपटारे की उम्मीद जगी है।
