

Vidarbha Chamber Of Commerce: विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने अकोला में उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ ट्रेडर्स अर्थात कॅट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया और राष्ट्रीय महासचिव, सांसद प्रवीण खंडेलवाल को तीन स्वतंत्र निवेदन सौंपे।
चैंबर की प्रतिनिधि मण्डल ने इन अतिथियों के आगमन के अवसर पर इन निवेदनों का शीघ्र अनुवर्तीकरण करने का अनुरोध किया। इन तीन निवेदन में मुख्यतः कर सुधार, लघु उद्यमियों को राहत तथा पश्चिम विदर्भ के विकास से संबंधित मांगें शामिल हैं।
जिसमें कर प्रणाली में संशोधन संबंधी निवेदन, जीएसटी और आयकर प्रणाली में सुधार के सुझाव एवं देर से दायर की गयी जीएसटी अपीलों के लिए एककाल की माफी योजना लागू की जाए। इनवॉइस्ड ड्यूटी संरचना के तहत इनपुट सर्विस क्रेडिट प्रत्यर्पण का निर्बाध रिफंड सुनिश्चित किया जाए। नियम 86बी को केवल उच्चजोखिम मामलों तक सीमित रखा जाए। आयकर पोर्टल पर फॉर्म 26एएस और एआयएस की जानकारी समय से कमसेकम 30 दिन पहले उपलब्ध करवाई जाए। संपत्ति पंजीकरण से संबंधित धारा 194एए के अंतर्गत टीडीएस से जुड़ी अनावश्यक जटिलताओं को समाप्त किया जाए।
फास्टैग एवं यूपीआयआधारित डिजिटल पार्किंग सिस्टम लागू किया जाए। नलगंगा और वैनगंगा नदियों को जोड़ने की परियोजनाओं के अंतर्गत बड़े जलाशय तक नहर निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। कापसी तालाब का पुनरुद्धार करें कापसी तालाब का पुनरुद्धार किया जाए,रूफटॉप सोलर नीति की समीक्षा की जाए, ताकि छतों पर सौर परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिले,आयुष उपचारों के स्वास्थ्य बीमा दावों के लिए पारदर्शी और समान नीति लागू की जाए।
चेंबर ने अनुरोध किया है कि ये मांगें कॅट के माध्यम से वित्त मंत्रालय, जीएसटी काउंसिल, सीबीआयसी, सीबीडीटी और संबंधित केन्द्र तथा राज्य विभागों के समक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत की जाएं। प्रतिनिधि मण्डल में निकेश गुप्ता, नीरव वोरा, सिद्धार्थ रूहाटिया, किशोर बाछुका, नीलेश अग्रवाल, संतोष छाजेड तथा कोषाध्यक्ष श्रीकांत गोयनका आदि उपस्थित थे।