भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल, मंदिर विकास के लिए 50 लाख की घोषणा

Vidarbha Kashi Pawani: विदर्भ की काशी पवनी में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुई। हजारों श्रद्धालुओं ने रथयात्रा में भाग लिया।
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पवनी जगन्नाथ रथयात्रा (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Pawani Jagannath Rath Yatra: विदर्भ की काशी के नाम से प्रसिद्ध पवनी नगरी में भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुई। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में निकली इस ऐतिहासिक रथयात्रा में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। धार्मिक जयघोष, भजनकीर्तन और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा।

इस अवसर पर आयोजित समारोह को विधायक नरेंद्र भोंडेकर संबोधित करते हुए बताया कि जगन्नाथ पुरी में कई वर्षों तक निवास करने वाले पूज्य आचार्य रूपानंदजी महाराज ने पवनी एवं आसपास के श्रद्धालुओं को अपने ही नगर में भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन कराने के पवित्र उद्देश्य से इस रथयात्रा की शुरुआत की थी।

विधायक ने की विकास योजनाओं की घोषणा

आज यह यात्रा क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल हो चुकी है और हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए सौभाग्य और गर्व की बात है।

उन्होंने घोषणा की कि श्री नीलकंठेश्वर मंदिर के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए चरणबद्ध तरीके से 50 लाख रुपये की निधि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही यह भी आश्वासन दिया कि आने वाले वर्षों में जगन्नाथ रथयात्रा को और अधिक भव्य, सुव्यवस्थित एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

कहा जाता है विदर्भ की काशी

पवनी को यूं ही विदर्भ की काशी नहीं कहा जाता। यहां विभिन्न आस्थाओं और परंपराओं से जुड़े 372 धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जो इस नगर की समृद्ध धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक हैं। इस अमूल्य धरोहर के संरक्षण, संवर्धन और समग्र विकास के लिए राज्य सरकार से 500 करोड़ रुपये का विशेष निधि स्वीकृत कराने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।

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