

Patur Bribery Case: अकोला जिले के पातुर तहसील के चान्नी पुलिस थाने में कार्यरत पुलिस उपनिरीक्षक महादेव देशमुख को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए अकोला-वाशिम भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की संयुक्त टीम ने 18 अगस्त को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारी के रिश्वत लेते पकड़े जाने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, मलसुर निवासी बीयर शॉपी संचालक शुभम थिटे को अपनी दुकान के लिए वाइन बार का लाइसेंस प्राप्त करने हेतु पुलिस विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) आवश्यक थी। आरोप है कि यह एनओसी देने के बदले पुलिस उपनिरीक्षक महादेव देशमुख ने शुभम थिटे से 65 हजार रु। की रिश्वत मांगी थी।
बातचीत के बाद 35 हजार रुपये में मामला तय हुआ। रिश्वत की मांग से परेशान शुभम थिटे ने अकोला-वाशिम एसीबी से शिकायत की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने नियोजित तरीके से कार्रवाई की। 18 अगस्त को चान्नी पुलिस थाने में जैसे ही महादेव देशमुख ने 35 हजार रु। स्वीकार किए, पहले से जाल बिछाकर बैठी एसीबी टीम ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया।
मामले में चान्नी पुलिस थाने में अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू थी। एसीबी की ओर से आगे की जांच की जा रही है। एसीबी के पुलिस अधीक्षक बापू बांगर के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपअधीक्षक जगदीश परदेशी के पर्यवेक्षण में पुलिस निरीक्षक सुलभा राऊत के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। टीम में पुलिस हवलदार विनोद मारकंडे, समाधान मोघाड, पुलिस अमलदार मनोहर हेम्बाडे तथा वाहन चालक नावेद शेख शामिल थे।