शिवसेना उबाठा के पदाधिकारियों के सामूहिक इस्तीफे, पत्र परिषद में पदाधिकारियों ने लगाए कई गंभीर आरोप
शिवसेना उबाठा के पदाधिकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए सामूहिक इस्तीफा दिया। पार्टी में निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है।
Akola News: शिवसेना उबाठा के वरिष्ठ नेताओ के बेताल व्यवहार के कारण अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे रहे हैं और आगे से पार्टी से हमारा कोई संबंध नहीं रहेगा, ऐसी जानकारी शिवसेना उबाठा के विभिन्न विभाग, प्रभाग, शाखा आदि प्रमुख पदाधिकारियों ने दी. सरकारी विश्रामगृह में आयोजित पत्र परिषद में करीब 70 छोटेबड़े पदाधिकारी और महिलापुरुष कार्यकर्ता उपस्थित थे.
पार्टी राजनीति में निष्ठावान शिवसैनिकों को बाजू रखा जा रहा है. पार्टी के उम्मीदवारों के प्रचार के लिए जिला स्तर के नेताओं ने प्रचार कार्य न करके उल्टे उम्मीदवारों को बुराभला कहकर उनका हौसला तोड़ दिया और अन्य पार्टी के उम्मीदवार को जिताने के लिए काम किया, ऐसा आरोप इस पत्र परिषद में लगाया गया. पार्टी के नेताओं ने कई प्रभागों में डमी उम्मीदवार खड़े किए, प्रभाग में अपने उम्मीदवार का प्रचार करने के लिए ये नेता भटकते भी नहीं और न ही कोई मुलाकात की.
उल्टे तुम्हें जीतने की औकात नहीं कहकर हौसला तोड़ा.आयातित व्यक्ति को बनाया स्वीकृत नगरसेवकउसी तरह कांग्रेस पार्टी के आयातित और चुनाव हार चुके व्यक्ति को स्वीकृत नगरसेवक बनाया गया है. ऐसे मतलबी व्यवहार से कई निष्ठावान कार्यकर्ता और पदाधिकारी तंग आ चुके हैं, इसलिए हम सामूहिक इस्तीफा दे रहे हैं, ऐसा इस समय कहा गया. इस पत्र परिषद में शहर उपप्रमुख प्रकाश वानखेड़े, अंकुश शित्रे, विभाग प्रमुख संजय पलेलू, उत्तर जोन प्रमुख अविनाश कोकरे, योगेश गवली, सतीश नागदिवे, सतीश वानरे, अर्जुन शिरसागर, रोशन अहिर, नितिन देशमुख, ख्वाजा गुलाम फारूक समेत बड़ी संख्या में महिलापुरुष कार्यकर्ता उपस्थित थे.
