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वरिष्ठ समाजसेवी गजानन हरने ने महाराष्ट्र सरकार से ‘आनंदाचा शिधा’ योजना दोबारा शुरू करने की मांग की।
वर्ष 2022 में शुरू हुई इस योजना के तहत पात्र राशन कार्डधारकों को 100 रुपए में जरूरी खाद्य वस्तुओं का पैकेट दिया जाता था।
अनियमित बारिश से अकोला जिले के ग्रामीण और खारे पानी के पट्टे वाले क्षेत्रों में खेती प्रभावित होने की आशंका है।
Akola Diwali Ration Scheme: राज्य के कई हिस्सों में सूखे की स्थिति, खरीफ फसलों को नुकसान, बढ़ती महंगाई और रोजगार की कमी से आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को दीपावली के अवसर पर राहत देने के लिए महाराष्ट्र सरकार 'आनंदा का शिधा' योजना दोबारा शुरू करे। यह मांग राष्ट्रीय लोक आंदोलन और निर्भय बनो जनआंदोलन के संयोजक तथा वरिष्ठ समाजसेवी गजानन हरने ने की है।
महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2022 में दीपावली के अवसर पर यह योजना शुरू की थी। इसके अंतर्गत पात्र राशन कार्डधारकों को 100 रु. में चीनी, खाद्य तेल, दालें और अन्य जरूरी वस्तुओं का पैकेट उपलब्ध कराया जाता था। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को त्योहार के दौरान कुछ राहत मिलती थी। वर्तमान सूखे और आर्थिक संकट को देखते हुए इस योजना को फिर शुरू करना जरूरी है।
हरने ने कहा कि इस वर्ष बारिश की अनियमितता से अकोला जिले के ग्रामीण क्षेत्रों और खारे पानी के पट्टे वाले क्षेत्र में खेती प्रभावित हुई है। कई जगह फसलें सूखने से किसानों के उत्पादन में गिरावट की आशंका है। कृषि कार्य कम होने के कारण खेत मजदूरों को पर्याप्त रोजगार भी नहीं मिल रहा है। वहीं, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से किसान, खेत मजदूर और भूमिहीन परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है।
गजानन हरने ने मांग की कि सूखे से प्रभावित किसानों और जरूरतमंद परिवारों को केवल घोषणाओं या सीमित आर्थिक पैकेज तक सहायता नहीं रखी जाए, बल्कि उन्हें प्रत्यक्ष लाभदिया जाए। पात्र राशन कार्डधारकों को नियमित अनाज के साथ अतिरिक्त अनाज उपलब्ध कराया जाए।
साथ ही, 'आनंद का शिधा' योजना दोबारा शुरू कर उसमें जरूरत के अनुसार गेहूं सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि महंगाई, सूखे और बेरोजगारी के तिहरे संकट से जूझ रहे गरीब परिवारों के साथ सरकार को मजबूती से खड़ा होना चाहिए। दीपावली पर जरूरतमंद परिवारों के घरों में भी खुशियों का दीप जल सके, इसके लिए सरकार तत्काल निर्णय लेकर योजना फिर शुरू करे। यह अपील उन्होंने की है।