अकोला बाजार समिति में गेहूँ की सर्वाधिक आवक , 27,000 हेक्टे. पर हुई थी बुआई2,515 रुपये तक मिल रहे दाम
अकोला कृषि उत्पन्न बाजार समिति में गेहूँ की आवक 27,000 हेक्टेयर पर हुई है। किसानों को 2,200 से 2,515 रुपये प्रति क्विंटल के दाम मिल रहे हैं। पिछले वर्ष की तुलना में दाम कुछ कम हैं।
Akola News: अकोला APMC में गेहूं की सर्वाधिक आवकजिले के किसानों में उत्साह का माहौलअकोला, ब्यूरो. अकोला कृषि उत्पन्न बाजार समिति में फिलहाल गेहूं की बड़ी मात्रा में आवक हुई है. किसानों द्वारा लाए गए गेहूं को प्रति क्विंटल न्यूनतम 2,200 रुपये और अधिकतम 2,515 रुपये के दाम मिल रहे हैं. अच्छी पैदावार से किसान संतुष्ट और उत्साहित दिखाई दे रहे हैं. मंगलवार, 21 अप्रैल को समिति में 1,065 क्विंटल गेहूँ आया, जिसे न्यूनतम 1,900 रुपये और अधिकतम 2,500 रुपये के दाम मिले. औसतन 2,300 रुपये प्रति क्विंटल दर किसानों को प्राप्त हुआ.
सोमवार, 20 अप्रैल को 1,010 क्विंटल गेहूँ आया, जिसे न्यूनतम 2,000 रुपये और अधिकतम 2,480 रुपये का भाव मिला. औसतन 2,275 रुपये प्रति क्विंटल दर किसानों को मिला. पाइंटर17 को 2,010 क्विंटल गेहूं आयाशुक्रवार, 17 अप्रैल को 2,010 क्विंटल गेहूं आया, जिसे न्यूनतम 2,140 रुपये और अधिकतम 2,575 रुपये के दाम मिले. औसतन 2,300 रुपये प्रति क्विंटल दर किसानों को प्राप्त हुआ. गुरुवार, 16 अप्रैल को 1,963 क्विंटल गेहूँ आया. जिसे न्यूनतम 2,155 रुपये और अधिकतम 2,680 रुपये का भाव मिला. शनिवार को औसतन 2,430 रुपये प्रति क्विंटल दर दर्ज की गई.
बाजार समिति सचिव सुनील मालोकार ने कहा कि गेहूं की बुवाई का क्षेत्रफल अकोला 6,665 हेक्टेयर अकोट 1,780 हेक्टेयर पातुर 3,750 हेक्टेयर तेल्हारा 3,200 हेक्टेयर मुर्तिजापुर 4,960 हेक्टेयर बालापुर 2,504 हेक्टेयर बार्शीटाकली 4,294 हेक्टेयर कुल 27,153 हेक्टेयरकोटइस बार हुई अच्छी पैदावार मार्च माह की शुरुआत से ही अकोला जिले में गेहूँ की आवक लगातार बढ़ रही है. किसानों को अच्छे भाव मिलने से उत्साह का वातावरण है.इस वर्ष गेहूँ की पैदावार अच्छी रही है और किसानों को संतोषजनक दर मिल रही है.
सम्बंधित ख़बरें
अकोला: पाइप लाइन फटने से दूकान में पानी भरा, व्यापारी को हुआ आर्थिक नुकसान
राज्य में सड़क दुर्घटनाओं और मृत्युदर में आई कमी, अकोला में भी पुलिस अधीक्षक की पहल
युवती के फोटो वायरल कर बदनामी, जबरन विवाह की धमकी देने पर मामला दर्ज
भीषण गर्मी में बालापुर तहसील के गांवों में जलसंकट, प्रशासनिक उपाय योजनाएं कागजों तक सीमित
सुनील सुपर शॉपी संचालक सुनील बोराखड़े ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना मेंदाम कमपिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष गेहूं के दाम कुछ कम हैं. उन्होंने बताया कि, पश्चिम विदर्भ में लोग मध्य प्रदेश और राजस्थान का शरबती गेहूं पसंद करते हैं. यहां राजस्थान के साथ साथ मध्य प्रदेश से शरबती गेहूं लाया जाता है. फिलहाल शरबती गेहूं के दाम 30 रु. से लेकर 35 रु. किलो तक हैं.
