महाराष्ट्र में आसमान से बरस रही आग; लू की चपेट में आने से 6 की मौत, विदर्भ में 350 से ज्यादा बीमार

Maharashtra Heat Wave Death Vidarbha: महाराष्ट्र में हीट वेव से 6 की मौत, विदर्भ में 350 बीमार। तापमान 45°C पार। प्रशासन ने नागरिकों को दोपहर 12-4 बजे घर में रहने की सलाह दी है।
Maharashtra Vidarbha Heat Wave
महाराष्ट्र में हीट वेव का कहर, 6 की मौत, अकेले विदर्भ में 350 लोगों पर लू का असर (फोटो क्रेडिट-X)
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Maharashtra Vidarbha Heat Wave: महाराष्ट्र इस समय भीषण गर्मी और जानलेवा लू की चपेट में है। राज्य के अधिकांश जिलों में पारा सामान्य से 4-5 डिग्री ऊपर चला गया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 48 घंटों में राज्य में लू लगने से 6 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में ज्यादातर मजदूर और बुजुर्ग शामिल हैं, जो दोपहर की तपिश में बाहर निकले थे। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।

विदर्भ क्षेत्र इस हीट वेव का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। यहाँ के सरकारी अस्पतालों में लू (Heat Stroke) के मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। अकेले नागपुर, चंद्रपुर और अकोला संभागों को मिलाकर 350 से अधिक लोगों पर लू का गंभीर असर हुआ है। मरीजों को तेज बुखार, डिहाइड्रेशन और चक्कर आने की शिकायतों के बाद भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों में 'हीट वेव वार्ड' बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत उपचार मिल सके।

विदर्भ के जिलों में रेड अलर्ट जारी

विदर्भ के चंद्रपुर और वर्धा में तापमान 46°C को छू रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इन क्षेत्रों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी और सीधे धूप के संपर्क में आने से स्थिति जानलेवा हो सकती है। प्रशासन ने ठंडे पानी के प्याऊ और ओआरएस (ORS) के पैकेट बांटने की व्यवस्था शुरू कर दी है।

स्कूली बच्चों और मजदूरों पर संकट

भीषण गर्मी को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है और निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के लिए दोपहर के समय काम बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। हीट वेव का असर न केवल इंसानों पर, बल्कि मवेशियों और फसलों पर भी पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में जल स्रोतों के सूखने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। पशुपालन विभाग ने किसानों को अपने मवेशियों को छायादार स्थानों पर रखने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विभाग की जरूरी एडवाइजरी

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक पानी पिएं और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को ढक कर रखें और नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी का सेवन करें। यदि किसी को तेज सिरदर्द, मतली या अधिक पसीना आने की शिकायत हो, तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। डॉक्टरों के अनुसार, हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है और इसमें देरी करना घातक हो सकता है।

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