मुर्तिजापुर में बाल विवाह रोका गया, पथक पर भीड़ की पत्थरबाजी, क्षेत्र में मच गई खलबली
मुर्तिजापुर में बाल विवाह रोकने के दौरान पथक पर पत्थरबाजी हुई। 21 वर्षीय युवती और 20 वर्षीय युवक का विवाह रोका गया।
Akola News: मुर्तिजापुर तालुका के माना पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 21 वर्षीय युवती और 20 वर्षीय युवक का बाल विवाह जिला बाल संरक्षण कक्ष और चाइल्ड लाइन की टीम ने रोक दिया. कार्रवाई के दौरान दो सौ से अधिक लोगों ने पथक पर पत्थरबाजी की और जान से मारने की धमकी दी. यह दूसरी बार हुआ है जब ऐसी घटना सामने आई, जिससे क्षेत्र में खलबली मच गई.जानकारी के अनुसार, अमरावती जिले के 20 वर्षीय युवक का विवाह माना क्षेत्र की 21 वर्षीय युवती से तय किया गया था. कानून के अनुसार लड़के की आयु 21 वर्ष पूर्ण होना आवश्यक है.
इस पर चाइल्ड लाइन समन्वयक हर्षाली गजभिये, सुपरवाइजर राजेश मनवर और सोशल वर्कर रविंद्र सावरकर पुलिस पथक के साथ मौके पर पहुंचे. वहां समुदाय ने घेराव कर वादविवाद किया. अंततः पुलिस ने समझाबुझाकर विवाह प्रक्रिया रोक दी. मामला अकोला बाल कल्याण समिति के समक्ष रखा गया. दोनों पक्षों ने शिक्षा की कमी और सामाजिक परंपराओं के कारण विवाह तय करने की बात कही.
समिति की अध्यक्षा एड. अनीता गुरव और सदस्यों ने पालकों का समुपदेशन किया. दोनों पक्षों से लिया गया कानूनी शपथपत्रबाल विवाह से होने वाले शारीरिक और मानसिक दुष्परिणाम समझाने के बाद, दोनों पक्षों से कानूनी शपथपत्र लिया गया कि लड़के की आयु 21 वर्ष पूर्ण होने तक विवाह नहीं किया जाएगा. यह सफल कार्रवाई जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी लक्ष्मण हगवणे के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजू लाडुलकर, तालुका संरक्षण अधिकारी प्रदीप टाक और माना पुलिस स्टेशन के पीएसआई गणेश महाजन की टीम ने की.
