Akola News: चेन्नई-जोधपुर एक्सप्रेस भी अकोला से दूर, नागपुर होकर ट्रेन चलाने पर यात्रियों में नाराजगी

Akola Railway Passenger Demand: चेन्नई-जोधपुर स्पेशल एक्सप्रेस को अकोला के बजाय नागपुर-इटारसी मार्ग से चलाने पर यात्रियों में नाराजगी है। संगठनों ने ट्रेन को नांदेड-अकोला मार्ग से चलाने की मांग की।
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चेन्नई-जोधपुर एक्सप्रेस (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Chennai Jodhpur Special Express: दक्षिण भारत से उत्तर भारत की ओर जाने वाली एक और ट्रेन को अकोला मार्ग से वंचित कर नागपुर होकर चलाए जाने का निर्णय सामने आया है। नव कार्यान्वित 01815/01816 एमजीआर चेन्नई सेंट्रल-जोधपुर विशेष एक्सप्रेस को बल्लारशाह-नागपुर-इटारसी मार्ग से चलाया जाएगा। इससे नांदेड-पूर्णा-अकोला रेलमार्ग की लगातार उपेक्षा किए जाने को लेकर रेल यात्री संगठनों में नाराजगी है।

रेल यात्री संगठनों का कहना है कि चेन्नई-जोधपुर ट्रेन का मार्ग नांदेड-पूर्णा-अकोला-नरखेड-बैतूल-इटारसी रखा जाता तो विदर्भ और मराठवाड़ा के हजारों यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलता। दक्षिण और उत्तर भारत को जोड़ने वाले इस मार्ग से दूरी भी अपेक्षाकृत कम है, इसके बावजूद ट्रेनों को दूसरे मार्ग से संचालित किया जा रहा है।

700 किमी मार्ग की लगातार उपेक्षा

यात्री संगठनों के अनुसार, दक्षिण भारत से उत्तर भारत की ओर जाने वाली अधिकांश ट्रेनें नागपुर-इटारसी अथवा मिरज-पुणे-मनमाड-भुसावल मार्ग से संचालित होती हैं। वहीं दक्षिण मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले करीब 700 कि. मी. लंबे हैदराबाद-नांदेड-अकोला-खंडवा रेलमार्ग को लगातार पर्याप्त रेल सेवाओं से वंचित रखा जा रहा है। इस मार्ग पर हैदराबाद, निजामाबाद, बासर, नांदेड, परभणी, हिंगोली, वाशिम, अकोला और खंडवा जैसे महत्वपूर्ण शहर जुड़े हैं। इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में यात्री नियमित रूप से उत्तर भारत की यात्रा करते हैं, लेकिन पर्याप्त सीधी रेल सेवाएं उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए सीधी ट्रेन की मांग

यात्रियों के अनुसार लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, पटना और खजुराहो जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के लिए इस क्षेत्र से पर्याप्त सीधी रेल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। लंबे समय से मांग की जा रही है कि दक्षिण और उत्तर भारत के बीच चलने वाली कुछ ट्रेनों को हैदराबाद-नांदेड-अकोला-खंडवा मार्ग से संचालित किया जाए। यात्री संगठनों ने रेलवे से इस मार्ग की क्षमता और यात्री सुविधाओं का विस्तार कर नई एवं मौजूदा ट्रेनों को अकोला होकर चलाने की मांग की है।

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