अकोला में गर्मी की शुरुआत में ही जलसंकट गहराया, काटेपूर्णा बांध में 37.83% जलभंडारण

गर्मियों में जलसंकट की समस्या, काटेपूर्णा बांध में 37.83% जलभंडारण, लोगों को पानी की आपूर्ति में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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Akola Water Crisis News: अकोला में गर्मी का मौसम शुरू होते ही शहर में जलसंकट गहराने लगा है। कई क्षेत्रों में चौथे तो कहीं पांचवें दिन नलों से जलापूर्ति हो रही है, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मनपा की जलापूर्ति व्यवस्था पर निर्भर इलाकों में लोगों को 4-5 दिन का पानी एक साथ भरकर रखना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच इतनी अवधि के लिए पानी संग्रह करना मुश्किल साबित हो रहा है, जिससे रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।

दूषित पानी से बढ़ी चिंता

पुराना शहर क्षेत्र के गोकर्णा पार्क, शिवसेना वसाहत सहित कुछ इलाकों में 7-8 दिन बाद जलापूर्ति हो रही है। उस पर भी नलों से मटमैला और दूषित पानी आने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। मलकापुर, उमरी और गुडधी क्षेत्रों में भी अनियमित जलापूर्ति से लोग परेशान हैं।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में, आगे संकट की आशंका

शहर को महान गांव स्थित काटेपूर्णा बांध से पानी की आपूर्ति की जाती है। वर्तमान में बांध में 37.83 प्रतिशत जलभंडारण उपलब्ध है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति चिंताजनक नहीं है, लेकिन जून अंत तक पर्याप्त बारिश नहीं होने पर जलसंकट गंभीर रूप ले सकता है।

समस्या समाधान के प्रयास जारी

मनपा के कार्यकारी अभियंता अमोल डोईफोडे ने बताया कि वर्तमान में चौथे दिन जलापूर्ति की जा रही है और सभी क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। पाइपलाइन लीकेज के कारण कहीं-कहीं दूषित जलापूर्ति की समस्या सामने आती है, जिस पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।

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