अकोला: 'निसर्गपुत्र' सुनील गोहर का पक्षी प्रेम; भीषण गर्मी में 200 जलपात्र लगाकर बचा रहे नन्हीं जान

अकोला के सुनील गोहर ने चिड़िया दिवस पर 200 जल पात्र लगाकर पक्षियों की प्यास बुझाने का कार्य किया।
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Akola Bird Conservation News: अकोला वैशाख की भीषण गर्मी में जहां इंसान भी बेहाल हो जाता है, वहीं छोटे पक्षियों की स्थिति और भी दयनीय हो जाती है। इसी संवेदनशील सोच को साकार करते हुए शहर के वृक्ष मित्र व सामाजिक कार्यकर्ता सुनील गोहर ने बीते दो दशकों से पक्षी संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण का अनोखा अभियान जारी रखा है।

चिड़िया दिवस के अवसर पर इस वर्ष भी उन्होंने अपने निजी खर्च से शहर के विभिन्न स्थानों पर 200 मिट्टी के जलपात्र लगाने का उपक्रम शुरू किया है। महानगरपालिका परिसर सहित प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए ये जलपात्र पक्षियों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहे हैं।

सुनील गोहर का कार्य केवल अकोला जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के बाहर भी उनकी पहचान एक समर्पित पर्यावरण संरक्षक के रूप में बनी है। उन्होंने अब तक 20 हजार से अधिक वृक्ष लगाकर उनका संरक्षण किया है, जो आज हरियाली का मजबूत आधार बन चुके हैं।

पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उन्होंने दिव्यांगों की सहायता, ‘बेटी बचाओ’ अभियान और व्यसनमुक्ति जैसे सामाजिक उपक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। तेजी से बढ़ते कंक्रीट के जंगल और घटते जलस्रोतों के बीच उनके द्वारा लगाए गए जलपात्र पक्षियों के लिए संजीवनी का काम कर रहे हैं।

बिना किसी प्रसिद्धि की अपेक्षा, अपने संसाधनों से चलाया जा रहा यह अभियान समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बन गया है। अब जरूरत है कि शासन-प्रशासन उनके इस योगदान को औपचारिक रूप से मान्यता देते हुए उन्हें सम्मानित करे, ताकि पर्यावरण संरक्षण की यह मुहिम और व्यापक रूप ले सके।

 ‘निसर्गपुत्र’ को सम्मान की प्रतीक्षा

सुनील गोहर का कार्य केवल व्यक्तिगत पहल नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। 20 हजार वृक्षों का संवर्धन और हजारों पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करने वाले इस ‘निसर्गपुत्र’ को अब शासन के सम्मान की प्रतीक्षा है।

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