अकोला में संतों की संगति से जीवन कृतार्थ होता है; बेलखेड़ में हभप वर्षा काले का कीर्तन संपन्न
Akola News: बेलखेड़ में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह में हभप वर्षाताई काले ने संतों की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि संतों के उपदेश ही जीवन को सत्य और सेवा की सही दिशा देते हैं।
वर्षाताई काले ने संतों की महिमा का बखान (सोर्स- नवभारत)
Akola Shrimad Bhagwat Kirtan: अकोला संतों के हम पर अनन्य उपकार हैं। हमारे जीवन को सही दिशा देने और हमारे हाथों से अच्छे कार्य हों, इसके लिए संत निरंतर हमें जागृत करते रहते हैं। जैसे माता अपने बच्चे का प्रेमपूर्वक पालनपोषण करती है, वैसे ही संत भक्तों का निरंतर मार्गदर्शन और पालनपोषण करते रहते हैं। संतों के उपकारों का प्रतिदान करना संभव नहीं है, लेकिन उनकी संगति से जीवन कृतार्थ हो सकता है और उसका सफल समापन हो सकता है।
स्थानीय रामनगर स्थित आदर्श कीर्तन कुल में हभप डॉ. अभय कुलकर्णी के मार्गदर्शन में कीर्तन अलंकार का प्रशिक्षण ले रही कीर्तनकार हभप वर्षाताई काले ने यह प्रतिपादन किया। उन्होंने कहा कि संतों की संगति से व्यक्ति का जीवन न केवल आध्यात्मिक रूप से समृद्ध होता है, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणादायी बनता है।
हाल ही में कारंजा तालुका के विठाई धाम बेलखेड़ कामठा में आयोजित श्रीमद् भागवत और अखंड ज्ञान सप्ताह में हभप वर्षाताई काले ने सफलतापूर्वक कीर्तन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उन्होंने संतों की महिमा का विस्तार से वर्णन किया और बताया कि संत समाज में प्रकाशस्तंभ की तरह होते हैं, जो अंधकार को दूर कर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
बड़ी खुशखबरी! अब डिग्री के लिए नहीं करना होगा दीक्षांत समारोह का इंतज़ार, डिजीलॉकर पर तुरंत मिलेगी मार्कशीट
भंडारा में 44 डिग्री का टॉर्चर: ट्रांसफार्मर को फुंकने से बचाने के लिए महावितरण ने लगाए कूलर, मशीनरी हुई बेहाल
Yavatmal News: वरिष्ठ नागरिकों के लिए हेल्थ केयर कैंप आयोजन, 150 से अधिक लोगों ने उठाया लाभ
भंडारा: 63 ग्राम पंचायत उपचुनावों के नतीजे घोषित; 13 सरपंच और 40 सदस्यों की जीत के साथ समर्थकों ने मनाया जश्न
उन्होंने कहा कि संतों की वाणी और उपदेश जीवन को नई दिशा देते हैं। अकोला संत हमें लोभ, मोह और अहंकार से दूर रहकर सत्य, धर्म और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। संतों के उपकारों का सम्मान करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
यह भी पढ़ें:- राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज की जयंती पर भक्तिमय हुआ धुसाला; प्रदीप पडोले ने भजनों को बताया ईश्वर का मार्ग
उनके उपदेशों से समाज में सद्भावना, भाईचारा और नैतिकता का वातावरण निर्मित होता है। संतों की संगति से व्यक्ति का जीवन न केवल आध्यात्मिक रूप से उन्नत होता है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी उपयोगी बनता है।
संतों के उपदेशों से प्रेरित होकर व्यक्ति समाज की सेवा करता है और अपने जीवन को सार्थक बनाता है। जनमानस में यह भावना व्यक्त की गई कि संतों के उपकारों का सम्मान करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। हभप वर्षाताई काले के कीर्तन ने उपस्थित श्रोताओं को संतों की महिमा का गहन अनुभव कराया और उनके जीवन में संतों के उपदेशों का महत्व उजागर किया।
