

Operation Prahar Illegal Liquor Raid In Akola: अकोला जिले में पुलिस विभाग की ओर से चलाए जा रहे विशेष 'ऑपरेशन प्रहार' अभियान के अंतर्गत अवैध शराब के अड्डों और उनके तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत माना पुलिस ने अवैध देशी महुआ शराब के धंधे पर एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कुल 68 हजार रुपये मूल्य का अवैध माल जब्त करने में सफलता हासिल की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, माना पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बनाने की सामग्री छिपाई गई है। इस सूचना के आधार पर माना पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुरूम में स्थित एक सरकारी पानी के कुएं के पास अचानक छापेमारी की गई। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया।
छापेमारी के दौरान अकोला पुलिस ने मौके से आरोपी मोहन सरदार (उम्र 60 वर्ष), निवासी कुरूम, तहसील मूर्तिजापुर, अकोला जिला को रंगे हाथों दबोच लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के पास से एक बड़ा लोहे का ड्रम बरामद हुआ, जिसमें 175 लीटर महुए का सड़वा (शराब बनाने का रसायन) भरा हुआ था। इसके साथ ही, पास में रखे 11 प्लास्टिक के डिब्बों में कुल 165 लीटर महुए का सड़वा भी पुलिस के हाथ लगा। इस प्रकार पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कुल 340 लीटर अवैध शराब निर्माण सामग्री जब्त की, जिसकी कुल बाजार कीमत लगभग 68,000 रुपये आंकी गई है। अकोला पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उक्त सभी अवैध और हानिकारक सामग्री को मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट कर दिया और आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपी मोहन सरदार के खिलाफ माना पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र शराब प्रतिबंध अधिनियम की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
अवैध शराब के खिलाफ की गई यह बड़ी कार्रवाई अकोला के पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी. चंद्रकांत रेड्डी तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी वैशाली मुले के कुशल मार्गदर्शन व दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की गई।
इस सफल छापेमारी को धरातल पर उतारने वाले अग्रिम दस्ते में माना पुलिस स्टेशन के प्रभारी थानेदार गणेश नावकार, पुलिस उपनिरीक्षक गणेश महाजन, पुलिस हेड कॉन्स्टेबल उमेश हरमकार, पुलिस कॉन्स्टेबल आकाश काले तथा चालक पुलिस कॉन्स्टेबल ललित वनचरे प्रमुखता से शामिल थे। जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण अंचलों में नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले ऐसे अवैध शराब अड्डों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत आगे भी इसी प्रकार की कड़ी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।