Akola Crime: अकोला जिला एवं सत्र न्यायाधीश ए.डी. क्षीरसागर ने प्रल्हाद हजारे 33, निवासी कासमार, तहसील बार्शीटाकली को नाबालिग लड़की से यौन अत्याचार के मामले में दोषी पाए जाने पर कठोर सजा सुनाई.
न्यायालय ने आरोपी को एक वर्ष कठोर कारावास और 500 रुपये जुर्माना यह जुर्माना न भरने पर 15 दिन साधारण कैद तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 8 और 10 अंतर्गत 5 वर्ष कठोर कारावास और 1000 रुपये जुर्माना यह जुर्माना न भरने पर एक माह साधारण कैद की सजा सुनाई है.
मामला वर्ष 2017 का है, जब आरोपी ने शिकायतकर्ता की नाबालिग बेटी के साथ विनयभंग कर यौन अत्याचार किया था. इस पर पिंजर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया. जांच अधिकारी पीएसआई मनोज वासाडे ने आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया.
सरकारी पक्ष की ओर से कुल छह साक्षियों की गवाही दर्ज की गई. शिकायतकर्ता, पीड़िता और अन्य साक्षियों की गवाही को मान्य मानते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया.
सरकारी पक्ष की पैरवीअतिरिक्त सरकारी वकील राजेश आकोटकर ने सरकार की ओर से पक्ष रखा. पैरवी अधिकारी ए.एस.आई. फझलुर रेहमान काजी और ए.एस.आई. प्रकाश खाडे पिंजर पुलिस स्टेशन ने भी सहयोग किया. न्यायालय ने मनोधर योजना अंतर्गत पीड़िता को नुकसान भरपाई देने का आदेश भी दिया.