Akola News: मां की कुल्हाड़ी से हत्या के आरोपी की जमानत खारिज, अकोट कोर्ट का बड़ा फैसला

Mother Murder Case: अकोला जिले के घोडेगांव में मां की कुल्हाड़ी से हत्या के मामले में आरोपी विनोद तेलगोटे की जमानत अर्जी अकोट जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी।
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अकोट कोर्ट फैसला- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Akola Murder Case: तेल्हारा तहसील के घोडेगांव गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में अपनी ही मां की कुल्हाड़ी से हत्या करने के आरोपी विनोद तेलगोटे 38, निवासी घोडेगांव, तह.तेल्हारा, जिला अकोला का जमानत आवेदन अकोट के जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी.एम. पाटिल ने यह आदेश पारित किया। जानकारी के अनुसार तेल्हारा पुलिस थाना में दर्ज प्रकरण में आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज है।

आरोपी पर आरोप है कि उसने खेती के हिस्से के विवाद को लेकर अपनी मां गौकर्णा तेलगोटे और पिता समाधान तेलगोटे पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। गंभीर रूप से घायल मां को उपचार के लिए नागपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से आरोपी 22 जून 2025 से अकोला जिला कारागृह में न्यायिक हिरासत में बंद है। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से सरकारी वकील अजीत देशमुख ने जमानत आवेदन का जोरदार विरोध किया।

मां की हत्या के आरोपी को राहत नहीं

उन्होंने न्यायालय को बताया कि मामले में शिकायतकर्ता, घायल प्रत्यक्षदर्शी तथा अन्य गवाहों के बयान आरोपी के विरुद्ध हैं। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष दर्ज बयानों में भी स्पष्ट रूप से आरोपी द्वारा कुल्हाड़ी से हमला किए जाने का उल्लेख है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के सिर पर चार गंभीर चोटों का उल्लेख है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर जब्त की है।

अकोट कोर्ट ने जमानत आवेदन ठुकराया

सरकारी अधिवक्ता ने न्यायालय को यह भी बताया कि यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो वह शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों को धमका सकता है या उन पर दबाव डालकर उनके बयान प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है। इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है। महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही अभी शेष उन्होंने कहा कि आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल हो चुका है, लेकिन महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही अभी शेष है।

आरोपी विनोद तेलगोटे न्यायिक हिरासत में रहेगा

ऐसे में आरोपी के बाहर आने से निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने मामले की गंभीरता, उपलब्ध प्रथमदृष्टया साक्ष्यों तथा गवाहों को प्रभावित किए जाने की संभावना को ध्यान में रखते हुए आरोपी विनोद तेलगोटे का जमानत आवेदन खारिज कर दिया।

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