

Highlights:
अकोला में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की कर्ज वसूली के दौरान महिलाओं को कथित रूप से परेशान करने का आरोप।
वंचित बहुजन आघाड़ी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
धमकी, अपमानजनक व्यवहार और अनुचित समय पर बार-बार फोन करने जैसी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग।
Vanchit Bahujan Aaghadi Akola: महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति, खेती की समस्याओं, रोजगार की कमी और बढ़ती महंगाई से ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। ऐसे में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के कर्ज की वसूली के दौरान महिलाओं को कथित रूप से परेशान किए जाने का आरोप वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) ने लगाया है।
इस मामले की निष्पक्ष जांच कर महिलाओं को सुरक्षा देने की मांग संगठन ने गुरुवार को जिलाधिकारी को निवेदन सौंपकर की। वीबीए की प्रदेश समिति के निर्देश पर जिला शाखा की ओर से दिए गए निवेदन में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
ऐसी स्थिति में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के कर्मचारी और वसूली प्रतिनिधि महिलाओं के पास बार-बार जाकर पैसे चुकाने का दबाव बना रहे हैं। कर्ज वसूली के नाम पर अपमानजनक व्यवहार, मानसिक परेशानी और जबरन वसूली के प्रयासों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। संगठन ने कहा कि कर्ज चुकाना कर्जदार की जिम्मेदारी है, लेकिन वसूली के नाम पर महिलाओं को धमकाना, अपमानित करना या मानसिक रूप से परेशान करना उचित नहीं है।
भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार धमकी देने, अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने, अनुचित समय पर बार-बार फोन करने और रिश्तेदारों को परेशान करने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जानी चाहिए। वंचित बहुजन आघाड़ी ने शिकायतों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा कर्जदार महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की रक्षा करने की मांग की। इस अवसर पर संगठन के बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित थे।
उधर नवरात्रोत्सव, धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस, दशहरा और आगामी दीपावली के मद्देनजर अकोला शहर में पथदीपों के समय में तत्काल बदलाव करने की मांग वंचित बहुजन आघाड़ी के गुटनेता नीलेश देव ने की है। उनका कहना है कि निर्धारित समय के अनुसार पथदीपों की बिजली आपूर्ति बंद किए जाने से सुबह और रात के समय नागरिकों को अंधेरे का सामना करना पड़ता है। उन्होंने महानगर पालिका से त्योहारों के दौरान नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पथदीपों का समय बढ़ाने की मांग की है।