

Akola Kharif Sowing In Monsoon Rain: बारिश नहीं होने से इस वर्ष अकोला जिले में खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित रही। समय पर वर्षा नहीं होने के कारण किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा और खेती की तैयारियां भी प्रभावित हुईं।
हालांकि जुलाई में हुई अच्छी बारिश के बाद किसानों ने तेजी से बुआई का कार्य पूरा कर लिया। शुरुआती दौर में बीज और खाद की कमी के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ी। कई कृषि सेवा केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लगीं और कुछ स्थानों पर स्थिति संभालने के लिए पुलिस की तैनाती भी करनी पड़ी। अब जिले में खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता होने से किसानों को राहत मिली है और खरीफ फसलें अच्छी स्थिति में दिखाई दे रही हैं।
कृषि विभाग के अनुसार जून और जुलाई के लिए जिले को 14,122 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित किया गया था, जिसकी शत-प्रतिशत आपूर्ति पूरी हो चुकी है। वर्तमान में किसानों को यूरिया सहित अन्य आवश्यक उर्वरक आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। स्थानीय किसान दीपेश तिवारी ने बताया कि बुआई के समय आवश्यक बीज समय पर नहीं मिल पाए, जिससे किसानों को काफी परेशानी हुई।
इसके अलावा खाद की उपलब्धता भी सीमित थी, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले 50 किलो में मिलने वाला खाद का बैग अब 45 किलो का हो गया है। वहीं खाद, बीज और खेती से जुड़ी अन्य सामग्रियों की कीमतों में भी पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे खेती की लागत काफी बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने खरीफ फसलों की बुआई पूरी कर ली है और अब फसलें बढ़वार के चरण में हैं। फिलहाल उनकी सबसे बड़ी उम्मीद यह है कि कुछ दिनों के लिए लगातार हो रही बारिश थमे, ताकि खेतों में निराई-गुड़ाई, उर्वरक डालने और अन्य आवश्यक कृषि कार्य समय पर पूरे किए जा सकें।
कृषि विभाग का भी मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम संतुलित रहा तो इस वर्ष खरीफ उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें और फसलों की देखभाल वैज्ञानिक तरीकों से करें, ताकि बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सके।