Akola News: अकोला में नकली और खराब गुणवत्ता वाले सोयाबीन बीज प्रकरण में पुलिस जांच शुरू

Akola Agriculture Department: अकोला जिले में फर्जी और घटिया गुणवत्ता वाले सोयाबीन बीज प्रकरण में कृषि विभाग की शिकायत पर दो बीज कंपनियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
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Fake Soybean Seed (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Akola Fake Soybean Seed Case: अकोला जिले में चर्चित फर्जी एवं घटिया गुणवत्ता वाले सोयाबीन बीज प्रकरण में कृषि विभाग की शिकायत पर दो बीज कंपनियों के खिलाफ अलगअलग पुलिस थानों में मामला दर्ज किया गया है। शनिवार रात करीब 1130 बजे एमआईडीसी पुलिस थाना और सिटी कोतवाली पुलिस थाना में संबंधित कंपनियों के विरुद्ध विभिन्न प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

एमआईडीसी में सतीशकुमार दांडगे द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, जालना जिले के गेवराई बाजार तहसील बदनापुर स्थित बूस्टर प्लांट जेनेटिक्स प्रा। लि। के सोयाबीन बीजों की गुणवत्ता और अंकुरण क्षमता को लेकर किसानों से लगातार शिकायतें प्राप्त हुई थीं।

किसानों से धोखाधड़ी का आरोप

इसके बाद कृषि विभाग ने बीजों के नमूने अधिकृत प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि बीज पैकेट पर किए गए दावे भ्रामक थे तथा बीज निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसी प्रकार दूसरे मामले में मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के आलोट तहसील स्थित ग्राम ताराविला की रवि सीड्स रिसर्च प्रा। लि। के खिलाफ जिला गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक महेंद्र सालके ने सिटी कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

अकोला में दो बीज कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज

प्रयोग शाला में बीज की जांच के बाद किया मामला दर्जकृषि विभाग को इस कंपनी के सोयाबीन बीजों की अंकुरण क्षमता को लेकर किसानों से 30 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जांच के दौरान बीजों के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए, जहां रिपोर्ट में उनकी गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

कृषि विभाग की शिकायत पर दो कंपनियों पर कार्रवाई

जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी ने बीज के पैकेट पर 100 प्रतिशत गारंटी का दावा किया था, जो बीज नियम, 1968 के नियम10 के अनुसार भ्रामक माना गया। प्रयोगशाला रिपोर्ट में भी बीजों के मानक स्तर के अनुरूप न होने की पुष्टि हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निकृष्ट गुणवत्ता के बीज बेचकर किसानों के साथ धोखाधड़ी की गई।

संबंधित बीजों की बिक्री 30 जून से 30 जुलाई 2026 के बीच किए जाने का उल्लेख शिकायत में किया गया है। दोनों मामलों में पुलिस ने कृषि विभाग की शिकायत के आधार पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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