अकोला मनपा चुनाव प्रत्याशी जोश में, उम्मीदवारों में कांटे की टक्कर, लेकिन मतदाताओं में उत्साह नहीं

Akola News: अकोला मनपा चुनाव में 80 सीटों के लिए 469 उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रत्याशियों में जोश दिख रहा है, लेकिन दलों के विभाजन और अधिक उम्मीदवारों के कारण मतदाता भ्रमित व उत्साहहीन नजर आ रहे हैं।
Akola Municipal Elections: Candidates Energetic, Voter Enthusiasm Lags
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Akola Municipal Elections: अकोला महानगरपालिका चुनाव की चुनावी गतिविधियां दिन प्रतिदिन जोर पकड़ रही हैं। शहर में सभी प्रभागों में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है और कुछ प्रभागों में तो 30 से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। मनपा के प्रभाग 9 में तो 38 उम्मीदवार चुनाव के मैदान में हैं। यह उल्लेखनीय है कि लंबे इंतजार के बाद, यानी 2017 के बाद मनपा के आम चुनाव की प्रक्रिया हो रही है।

यहां पर 15 जनवरी 2026 को 20 प्रभागों की 80 सीटों के लिए मतदान होगा और 16 जनवरी को मतगणना होगी। अब मनपा चुनाव के लिए सिर्फ 6 दिन बाकी हैं। 6 दिनों बाद अकोला मनपा को नये जनप्रतिनिधि मिलेंगे। अकोला महानगरपालिका की कुल 80 सीटों पर चुनाव हो रहा है और प्रत्येक प्रभाग से अ, ब, क, ड ऐसे चार पार्षद चुने जाएंगे।

इसके लिए कुल 469 उम्मीदवार चुनाव के मैदान में हैं। प्रभाग क्रमांक 9 में भीम नगर, खैर महम्मद प्लॉट, गुलजारपुरा, जोगलेकर प्लॉट, फडके नगर, वानखडे नगर जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जहां से सर्वाधिक 38 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

विभाजित दलों के कारण हुए मतदाता भ्रमित

इस बार मनपा चुनाव में देखा जा रहा है कि, एक तो कई राजनीतिक पार्टियों का विभाजन होने के कारण मतदाता असमंजस और भ्रम की स्थिति में हैं। इस तरह विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवारों के साथ साथ कई निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। इस तरह कुछ प्रभागों में तो उम्मीदवारों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण भी मतदाता जल्दी निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। उस पर सभी मतदाताओं को चार बार ईवीएम मशीन का बटन दबाना है। वैसे देखा जाए तो उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने के कारण मतदाताओं का असमंजस समाप्त नहीं हो पा रहा है।

मतदाताओं में उत्साह नहीं

  • एक बार और देखी जा रही है कि, चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में जितना उत्साह है उतना उत्साह मतदाताओं में नहीं देखा जा रहा है।
  • कुछ कुछ क्षेत्रों में तो ऐसा चित्र दिखाई दे रहा है कि जैसे मतदाता मतदान कर के औपचारिकता पूरी करना चाहते हैं। उन्हें चुनाव में कोई विशेष दिलचस्पी नहीं है। वर्तमान समय में मतदाताओं के मन में क्या है कोई समझ नहीं पा रहा है।
  • मतदाता शांति से सभी प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार को देख रहे हैं। वे 15 जनवरी को शांति से मतदान करेंगे।
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