अकोला: भरतपुर में श्रीमद् भागवत कथा व हरिनाम सप्ताह का भव्य समापन, भक्तिमय माहौल में उमड़ा जनसैलाब

Akola News: अकोला के समीपवर्ती भरतपुर में 11 से 18 अप्रैल तक आयोजित श्रीमद् भागवत कथा और अखंड हरिनाम सप्ताह का भव्य समापन। महाप्रसाद और शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल।
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Akola Bharatpur Shrimad Bhagwat Katha: अकोला समीपवर्ती भरतपुर गांव में 11 अप्रैल से आरंभ हुए श्रीमद् भागवत कथा और अखंड हरिनाम सप्ताह का समापन 18 अप्रैल को अत्यंत भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुआ। पूरे सप्ताह गांव में काकड़ा, हरिपाठ, हरिकिर्तन और भागवत कथा के माध्यम से भक्ति का माहौल बना रहा।

भरतपुर में आयोजित इस भागवत सप्ताह ने ग्रामवासियों को भक्ति और अध्यात्म से जोड़ते हुए सामूहिक उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। यह आयोजन आने वाले वर्षों में भी गांव की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का संकल्प देता है।

सप्ताह का आयोजन और वातावरण

भरतपुर में आयोजित इस सप्ताह के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। मंजिरामृदुंग की गूंज और हरिनाम के जयघोष से गांव का वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा और कीर्तन का आनंद लेते रहे। 18 अप्रैल को सप्ताह का समापन बड़े उत्साह के साथ हुआ। सुबह रामकृष्ण पाटिल महाराज वहाला ने काल्या का कीर्तन प्रस्तुत किया, इसके बाद महाप्रसाद का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। शाम को मंजिरामृदुंग और हरिनाम के जयघोष के बीच समापन कार्यक्रम संपन्न हुआ।

संतों और कलाकारों का योगदान

समापन अवसर पर कई प्रतिष्ठित संतों और कलाकारों ने अपनी कला प्रस्तुत की। गायनाचार्य गोपाल महाराज वसे घानेगांव, संदीप महाराज, एकनाथ महाराज घानेगांव, शिवचरण महाराज भालेगांव, आर्गन वादक प्रदीप महाराज देऊलगांव साखरशा, तबला वादक विलास महाराज कृन्हा काकोडा, चोपदार पांडुरंग भागवत, विनेकरी लक्ष्मण महाराज घोगरे, वामनराव घोगरे इन सभी ने उत्कृष्ट गायन और वादन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

शोभा यात्रा और सहभाग

  • समापन दिवस पर गांव में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, इसमें महिला मंडल, श्री दत्त मंडल, श्री गुरुदेव सेवा मंडल, सोपीनाथ महाराज मंडल और भरतपुर के समस्त ग्रामवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। मंजिरामृदुंग की ताल और हरिनाम के गजर से गांव का वातावरण भक्तिभाव से भर गया।
  • भागवत सप्ताह के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति, संस्कार और अध्यात्म का संगम अनुभव किया।
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