

Akola Encroachment: अकोला शहर में यातायात सुचारू रखने और प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण रोकने के लिए महापालिका ने 23 प्रमुख मार्गों और क्षेत्रों को 'नो-हॉकर्स जोन' घोषित किया है। यह निर्णय शहर पथविक्रेता समिति की अगस्त माह में हुई बैठक में लिया गया। लेकिन जोन तय होने के बावजूद संबंधित मार्गों पर हाथगाड़ियां, दुकानदारों का सामान, फेरीवाले और अन्य अतिक्रमण जस के तस बने हुए हैं, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर समिति ने शहर के विभिन्न मार्गों पर 'नो-हॉकर्स जोन' और 'हॉकर्स जोन' तय करने पर चर्चा की। इसके अनुसार 23 स्थानों को 'नो-हॉकर्स जोन' घोषित किया गया, लेकिन वास्तविकता यह है कि इन मार्गों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई है। सिटी बस योजना और अतिक्रमण अक्टूबर माह से शहर में सिटी बस सेवा शुरू करने की योजना है, लेकिन इसके लिए पहले सड़कों को अतिक्रमणमुक्त करना आवश्यक है। यदि अतिक्रमण हटाया नहीं गया तो बस मार्गों में बाधा उत्पन्न होगी।
प्रशासन की कार्रवाई महापालिका प्रशासन ने बताया कि फेरीवालों का अतिक्रमण हटाने के लिए जल्द ही विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही 'नो-हॉकर्स जोन' वाले क्षेत्रों में बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों की सुविधा और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए यह कदम आवश्यक है।
गणेशोत्सव के दौरान बाजारों में भीड़ और वाहनों की बढ़ती संख्या से यातायात पर पहले ही दबाव रहेगा। ऐसे में सड़क किनारे अतिक्रमण से यातायात जाम और बढ़ेगा। बस स्टैण्ड, सिटी कोतवाली, किला चौक, गांधी चौक, टॉवर चौक, जठारपेठ, डाबकी रोड, अकोट स्टैंड, वाशिम बायपास और रेलवे स्टेशन परिसर जैसे भीड़भाड़ वाले मार्गों पर अतिक्रमण की समस्या गंभीर बनी हुई है।