

Akola Municipal Monsoon Preparations: मानसून की बारिश से पहले महानगरपालिका प्रशासन द्वारा अकोला शहर में साफ-सफाई और जो अन्य कार्य किए जाते हैं, वे सभी कार्य करीब-करीब पूरे हो चुके हैं। कुछ कार्य अब अपने अंतिम चरण में हैं। यह जानकारी 'नवभारत' से की गई विशेष बातचीत में मनपा आयुक्त डॉ. सुनील लहाने ने दी।
उन्होंने बताया कि शहर में बड़े नाले और नालियों की कुल लंबाई लगभग 839 किलोमीटर है। बारिश के पूर्व इनकी युद्धस्तर पर सफाई की गई है। फिर भी जो कुछ काम बाकी रह गए हैं, वे तेजी से पूरे किए जा रहे हैं और यह कार्य भी शीघ्र ही संपन्न हो जाएगा। प्रशासन इस समय बारिश के दिनों को देखते हुए साफ-सफाई के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है, जिससे शहरवासियों को किसी भी तरह की असुविधा और तकलीफ का सामना न करना पड़े।
इसी तरह जलापूर्ति (पानी की सप्लाई) और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए मनपा पूरी तरह कटिबद्ध है। इसके अलावा, केंद्र सरकार के सहयोग से कुछ ही महीनों के भीतर शहर में करीब 42 ई-बसें (इलेक्ट्रिक बसें) शुरू की जाएंगी।
अकोला महानगरपालिका प्रशासन के पास अपने स्वयं के 700 सफाईकर्मी हैं। इसी तरह, कॉन्ट्रैक्ट (ठेके) पर भी 600 सफाईकर्मी कार्यरत हैं। इस प्रकार कुल 1,300 सफाईकर्मियों पर अकोला शहर के चारों जोन की साफ-सफाई की जिम्मेदारी है। मनपा की सीमा वृद्धि के बाद मनपा का भौगोलिक क्षेत्र काफी बढ़ गया है, उसी के अनुरूप कुछ और नए कर्मचारियों की मांग सरकार से की गई है।
हाल ही में हुई बारिश के बाद जनता सब्जी बाजार में भारी कीचड़ हो गया था। महानगरपालिका प्रशासन के ध्यान में आते ही बाजार का पूरा कीचड़ जेसीबी मशीन द्वारा साफ कराया गया। इस कार्य में बड़ी संख्या में सफाई कामगारों ने सहयोग दिया। इसी तरह, कॉन्ट्रैक्ट पर लगाए गए ठेकेदार के सफाईकर्मियों का भी इस कार्य में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पहले अकोला शहर की सड़कों पर काफी धूल जमा हो जाती थी, लेकिन अब 'मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीन' द्वारा यह धूल उठाई जा रही है। मनपा के पास इस तरह की तीन मशीनें उपलब्ध हैं। इस कारण अब शहर की मुख्य सड़कों पर धूल उड़ती हुई नहीं दिखाई देती।
यदि अकोला शहर में कहीं भी बारिश का पानी जमा हो जाता है, तो उसे सक्शन मशीन द्वारा खींचकर निकाला जा रहा है और वहां तुरंत सफाई की जा रही है। मनपा प्रशासन का सफाई विभाग इस समय पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जलभराव की स्थिति से निपटने के साथ-साथ जहां-जहां जरूरत थी, वहां पर कुछ प्रमुख सड़कों की मरम्मत (दुरुस्ती) भी की गई है।
कुछ ही महीनों के भीतर शहर में पर्यावरण-अनुकूल ई-बसें शुरू की जाएंगी, जिससे शहर के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। इन 42 ई-बसों में 12 मीटर की 14 ई-बसें तथा 9 मीटर की 28 ई-बसें शामिल रहेंगी। खड़की क्षेत्र में इन ई-बसों के लिए डिपो और चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है। यह कार्य पूरा होते ही शहर की सड़कों पर ई-बसें दौड़ने लगेंगी।