

Akola Illegal Abortion News: अकोला जिले में लिंगानुपात वर्ष 2023 में 919 और 2024 में 922 दर्ज किया गया है, जबकि महाराष्ट्र राज्य का लिंगानुपात 2024 में 912 रहा। इस पृष्ठभूमि में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व लिंग निदान प्रतिबंध अधिनियम 1994 संशोधित 2003 के अंतर्गत अवैध गर्भपात और लिंग निर्धारण रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।
सोनोग्राफी और गर्भपात केंद्रजिला शल्य चिकित्सक अकोला के अधीन 40 सोनोग्राफी केंद्र और 19 गर्भपात केंद्र पंजीकृत हैं। वहीं मनपा अकोला के अधीन 155 सोनोग्राफी केंद्र और 86 गर्भपात केंद्र हैं। इन सभी केंद्रों की नियमित रूप से तिमाही जांच की जाती है। गर्भलिंग निदान या अवैध गर्भपात करना, या इसमें सहयोग देना गंभीर अपराध है। दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर, तकनीकी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति को 1 लाख रुपये जुर्माना और 3 से 5 वर्ष तक की सजा हो सकती है।
डिकॉय केस स्टिंग ऑपरेशनजिले में ऐसे अपराध रोकने के लिए डिकॉय केस चलाए जाते हैं। वर्ष 202425 में अकोला जिले में 3 और जिले से बाहर 2 स्टिंग ऑपरेशन किए गए। कारंजालाड जि. वाशिम में सफल कार्रवाई कर न्यायालयीन प्रकरण दाखिल किया गया।
वर्ष 202526 में जिला शल्य चिकित्सक द्वारा 4 डिकॉय केस किए गए, जिनमें अकोट के टावरी मेडिकल पर सफल कार्रवाई कर एफआईआर दर्ज की गई। मनपा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 5 डिकॉय केस किए गए। यह योजना सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य लिंग चयन पर रोक लगाना, कन्या भ्रूण हत्या समाप्त करना और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
नागरिकों से अपील अकोला जिले के सभी नागरिक, स्वास्थ्य कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की गई है कि वे इस अभियान में सहयोग करें। यदि कहीं अवैध गर्भपात या लिंग निर्धारण की जानकारी हो तो http//amchimulgimaha।in वेबसाइट पर या टोलफ्री नंबर 18002334475 / 104 पर शिकायत दर्ज कराएँ।
शिकायत के आधार पर यदि अपराध सिद्ध होता है और स्टिंग ऑपरेशन सफल होता है, तो सूचना देने वाले व्यक्ति और बनावट ग्राहक महिला को शासन की ओर से प्रत्येक को 1 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। यह जानकारी वैद्यकीय स्वास्थ्य अधिकारी मनपा अकोला, डॉ. रुची पहुरकर ने दी।