अजित पवार ने विपक्ष पर कसा तंज, बोले- मुंह में चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए लोग गरीबों की दुर्दशा नहीं समझेंगे

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 'लाडकी बहिन योजना' की आलोचना को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन मुंह में चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए लोग समाज के वंचित वर्ग की दुर्दशा को नहीं समझ पाएंगे।
Ajit Pawar Slams Opposition Over Ladki Bahin Yojana
अजित पवार (फाइल फोटो)
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छत्रपति संभाजीनगर. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 'लाडकी बहिन योजना' की आलोचना को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन मुंह में चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए लोग समाज के वंचित वर्ग की दुर्दशा को नहीं समझ पाएंगे।

पवार ने अपनी 'जन सम्मान यात्रा' के दौरान यहां एक रैली को संबोधित करते हुए लोगों से विपक्ष के 'फर्जी अभियानों' का शिकार नहीं होने का आग्रह किया और युवाओं, महिलाओं, वारकरियों (भगवान विठोबा के अनुयायी) तथा अन्य लोगों के लिए सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष ने 'लाडकी बहिन' योजना का उल्लेख करते हुए कहा, "हमने पात्र महिलाओं के खातों में 3,000 रुपये जमा कर दिए हैं।"

यह योजना 21-60 वर्ष की आयु की उन विवाहित, तलाकशुदा और निराश्रित महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक सहायता प्रदान करती है, जिनकी वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये तक है। उन्होंने कहा कि विपक्ष 'लाडकी बहिन' योजना को चुनावी जुमला कह रहा है, लेकिन यह फर्जी अभियान है। पवार ने आश्वासन दिया कि कोई भी किसी से पैसा वापस नहीं लेगा। उन्होंने कहा, "विपक्ष योजनाओं को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहा है। मुंह में चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए लोग गरीबों की दुर्दशा नहीं समझ पाएंगे।"

उन्होंने कहा कि सरकार राज्य भर में 52 लाख परिवारों को प्रति वर्ष तीन मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर दे रही है, साथ ही राज्य में लड़कियों और महिलाओं की शिक्षा की फीस भी वहन कर रही है। इन योजनाओं से राज्य की वित्तीय स्थिति खराब होने के दावों को खारिज करते हुए पवार ने कहा कि महाराष्ट्र का राजस्व संग्रह अच्छा रहा है। उन्होंने कहा, "इन योजनाओं के लिए राज्य को 75,000 करोड़ रुपए की जरूरत है। हमारे पास पैसा है, इसलिए हम इन योजनाओं को लागू कर रहे हैं।"

पवार ने कहा कि ये योजनाएं तभी चल सकती हैं जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राकांपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का महायुति गठबंधन दोबारा सत्ता में आए। उपमुख्यमंत्री ने कहा, "हमने राज्य सरकार का खजाना संभाला है। हमें पता है कि कहां खर्च कम करना है और कहां खर्च करना है। हमने गन्ना, प्याज, सोयाबीन और दूध के मामले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी बात की है।"

राकांपा प्रमुख ने सिंधुदुर्ग जिले के मालवण तहसील में राजकोट किले में स्थापित शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने की घटना के मामले में भी सख्त कार्रवाई का वादा किया। उन्होंने कहा, "चाहे जो भी हो, गलत तो गलत ही होता है और उसे माफ नहीं किया जा सकता। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि एक उदाहरण पेश किया जा सके कि ऐसी गलतियों को माफ नहीं किया जाएगा।" (एजेंसी एडिटेट)

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