सत्ता से पैसा व पैसे से सत्ता, अन्ना हजारे ने चुनावी चक्रव्यूह पर बोला हमला, दलबदल कानून को सख्त करने की मांग
Anna Hazare Statement: अहिल्यानगर में अन्ना हजारे ने राजनीतिक दलों की गुटबाजी और दलबदल पर चिंता जताई। उन्होंने सख्त दलबदल कानून और जागरूक मतदान की अपील की है।
- Written By: गोरक्ष पोफली
अन्ना हजारे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Anna Hazare On Anti-Defection Law: भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में बड़ी मुहिम चलाने वाले वयोवृद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे ने एक बार फिर भारतीय राजनीति की गिरती शुचिता पर कड़ा प्रहार किया है। अन्ना ने कहा कि आज राजनीति केवल स्वार्थ और लाभ का जरिया बन गई है, जहां नेता समाज कल्याण के बजाय व्यक्तिगत हितों के लिए पार्टियां बदल रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं को ‘सर्वोच्च’ बताते हुए उन्हें अपनी शक्ति पहचानने का आह्वान किया।
मतदाता ही ला सकते हैं असली सुधार
अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने चुनावी अनियमितताओं और राजनीतिक गुटबाजी पर बात करते हुए कहा कि अंततः फैसला जनता के हाथ में होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मतदाता सर्वोच्च हैं और यह उन पर निर्भर करता है कि वे किसे वोट दें सही व्यक्ति को या गलत को। यदि मतदाता सोच-समझकर और जागरूक होकर निर्णय लें, तो सभी दलों और गुटों में व्याप्त अनियमितताओं को सुधारा जा सकता है। उन्होंने राजनीति में व्याप्त भ्रष्टाचार के मूल कारण को समझाते हुए इसे एक ‘दुष्चक्र’ करार दिया। अन्ना के अनुसार, आज राजनीति का स्वरूप ‘सत्ता से पैसा और पैसे से सत्ता’ तक सीमित हो गया है, जो सभी अनर्थों की जड़ है।
दलबदल और संविधान पर अन्ना के विचार
सांसदों और विधायकों द्वारा बार-बार पार्टियां बदलने और गुटबाजी करने के मुद्दे पर अन्ना हजारे ने संविधान का हवाला देते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान में कहीं भी राजनीतिक दलों या गुटों का उल्लेख उस तरह नहीं है जैसा आज दिख रहा है; संविधान का एकमात्र लक्ष्य ‘समाज और राष्ट्र का कल्याण’ है।
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Ahilyanagar, Maharashtra: Social activist Anna Hazare says, “Voters are supreme and it is up to them to decide whom to vote for—the right person or the wrong one. If voters make a thoughtful decision, the irregularities plaguing all parties and factions can be rectified… A… pic.twitter.com/wN7voiVX4S — IANS (@ians_india) April 26, 2026
अन्ना हजारे के मुख्य सुझाव
Anna Hazare ने आरोप लगाया कि आज समाज में जो झगड़े और संघर्ष बढ़ रहे हैं, उनका मुख्य कारण राजनीतिक दल हैं। नेता वहां जाते हैं जहां उन्हें फायदा दिखता है। यह अवसरवाद लोकतंत्र के लिए घातक है। अन्ना ने मांग की कि देश में एक सख्त दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) लागू किया जाना चाहिए। यदि कानून कठोर होगा, तो नेता इस तरह की गलतियां करने की हिम्मत नहीं करेंगे।
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लोकतंत्र को बचाना जनता का काम
अन्ना हजारे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में राजनीतिक अस्थिरता और दलबदल की खबरें आम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक जनता जाति, धर्म और लालच से ऊपर उठकर मतदान नहीं करेगी, तब तक यह राजनीतिक चक्रव्यूह टूट नहीं पाएगा।
