Ahilyanagar में दिलासा हॉल विवाद, हाईकोर्ट ने 3 माह में कार्रवाई को कहा

Maharashtra News: अहिल्यानगर में पुलिस दिलासा हॉल निर्माण मामले में तत्कालीन एसपी रंजन कुमार शर्मा दोषी पाए गए हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने तीन महीने में कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
aurangabad bench of bombay high court
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच (सौ. सोशल मीडिया )
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Ahilyanagar News In Hindi: नगर में पुलिस द्वारा स्थापित दिलासा हॉल के निर्माण के मामले में नगर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक रंजन कुमार शर्मा को दोषी पाया गया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट की छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) बेंच ने उनके खिलाफ तीन महीने के भीतर कार्रवाई का आदेश दिया है। इस मामले में नगर के सामाजिक कार्यकर्ता शाकिरभाई शेख ने बेंच के समक्ष आपराधिक याचिका दायर की थी।

शर्मा के खिलाफ कार्रवाई के आदेश से पुलिस बल में हलचल मच गई है। इस मामले में जानकारी यह है कि 2019 में पुलिस दिलासा सेल कार्यालय के पास अवैध रूप से एकत्रित धन से एक हॉल का निर्माण किया गया था।

शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता शाकिरभाई शेख ने 9 अगस्त 2021 को तत्कालीन गृहमंत्री से जांच के बावजूद कार्रवाई में देरी के संबंध में शिकायत की थी। इससे पहले उन्होंने 2 मार्च 2021 को अतिरिक्त मुख्य गृह सचिव से भी शिकायत की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया।'

दिलीप वलसे पटिल से शिकायत

इसलिए, उन्होंने तत्कालीन गृहमंत्री दिलीप वलसे पटिल से शिकायत की। संबंधित हॉल के निर्माण के दौरान कोई कानूनी अनुमति नहीं ली गई थी और निर्माण के लिए किसी भी सरकारी अनुदान का उपयोग नहीं किया गया था।

संबंधित हाल के काम में किसी भी प्रकार का स्थार्थ या निजी हित शामिल नहीं था। महानगर पालिका न द्वारा उक्त कार्य को नियमित कर दिया गया है।

रंजन कुमार शर्मा, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक

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