

ADR Report Rajya Sabha: राज्यसभा के 31 प्रतिशत सांसदों ने अपने चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और न्यू इलेक्शन वॉच (एनईडब्ल्यू) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा के 233 सांसदों में से 226 के हलफनामों का विश्लेषण किया गया।
इनमें 69 सांसदों यानी 31 प्रतिशत के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं 36 सांसदों यानी 16 प्रतिशत ने गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार एक सांसद के खिलाफ हत्या से संबंधित मामला दर्ज है।
4 सांसदों ने हत्या के प्रयास से जुड़े मामले घोषित किए हैं। 4 सांसदों के खिलाफ महिलाओं से संबंधित अपराध के मामले भी दर्ज हैं।
गंभीर आपराधिक मामलों के मामले में भाजपा के 107 में से 14 सांसद (13) प्रतिशत), कांग्रेस के 29 में से 8 (28 प्रतिशत), तृणमूल कांग्रेस के 9 में से 2 (22 प्रतिशत), डीएमके के 8 में से 1 (13 प्रतिशत), सपा के 4 में से एक (25 प्रतिशत), रिकॉर्ड टीडीपी के 4 में से एक (25 प्रतिशत), बीआरएस के 3 में से एक (33 प्रतिशत), माकपा के 3 में से 2 (67 प्रतिशत), राकांपा के 4 में से एक (25 प्रतिशत) और आप के 3 में से एक सांसद (33 प्रतिशत) ने गंभीर मामले घोषित किए हैं।
राज्यवार आंकड़ों में तेलंगाना सबसे आगे है। वहां 7 में से 5 सांसदों यानी 71 प्रतिशत ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं। दिल्ली में 3 में से 2 (67 प्रतिशत), महाराष्ट्र राज्य में 19 में से 10 (53 प्रतिशत), आंध प्रदेश में 11 में से 5 (45 प्रतिशत), बिहार में 16 में से 7 (44 प्रतिशत) और केरल में 9 में से 4 सांसदों (44 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है।
रिपोर्ट के लिए 233 में से 226 राज्यसभा सांसदों के हलफनामों का विश्लेषण किया गया है। पश्चिम बंगाल की 4 सीटें रिक्त हैं, जबकि 3 सांसदों के हलफनामे उपलब्ध नहीं होने के कारण उनका विश्लेषण नहीं किया जा सका।
कुल सांसद हलफनामे विश्लेषित: 226
अपराधिक मामले घोषित करने वाले सांसद: 69 (कुल विश्लेषित सांसदों का लगभग 31%)
गंभीर आपराधिक मामलों वाले सांसद: 36 (लगभग 16%)
हत्या का मामला: 1 सांसद पर हत्या से संबंधित मामला दर्ज है।
हत्या के प्रयास के मामले: 4 सांसदों पर हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं।
महिलाओं से संबंधित अपराध: 4 सांसदों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले घोषित किए हैं।