मुंबई: कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा होगी मजबूत, मंत्री ने दिए POSH कानून को सख्ती से पालन करने के निर्देश

Women Workplace Safety: महाराष्ट्र सरकार ने कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए POSH कानून का सख्ती से पालन करने का निर्देश दी हैं। निजी संस्थानों में ICC गठन और अनुपालन की निगरानी बढ़ाई जाएगी।
Aditi Tatkare On Posh Law Women Workplace Safety In Maharashtra
मंत्री अदिति तटकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Aditi Tatkare On Posh Law Women Workplace Safety: कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने पोश (पीओएसएच) कानून की क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने का फैसला किया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने मंत्रालय में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग और श्रम विभाग को मिलकर काम करने के निर्देश दिए।

मंत्री आदिती तटकरे ने क्या कहा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने कहा कि राज्य सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि कई निजी प्रतिष्ठानों में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित पोश कानून का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किया जा रहा है। कई संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति  का गठन नहीं किया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर समिति होने के बावजूद उसकी कार्यप्रणाली निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं है।

इस स्थिति को गंभीर मानते हुए सरकार ने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्णय लिया है। श्रम विभाग, उद्योग विभाग, शालेय शिक्षा विभाग और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को मिलकर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस योजना के तहत जागरूकता अभियान, नियमित निरीक्षण, अनुपालन की समीक्षा और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जाएंगे, ताकि प्रत्येक कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

आईसीसी गठन और ऑडिट प्रक्रिया में सुधार

बैठक में कार्यस्थलों पर पोश कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आंतरिक शिकायत समिति के गठन और उसके नियमित पुनर्गठन पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने निर्णय लिया कि ऑडिट प्रक्रिया में भी पोश कानून के अनुपालन को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि संस्थानों में नियमों के पालन की नियमित समीक्षा हो सके।

इसके अलावा निजी संस्थानों के पंजीकरण और नवीनीकरण के दौरान आईसीसी का गठन एक आवश्यक शर्त बनाने पर भी चर्चा हुई। सरकार ने स्पष्ट किया कि जिन प्रतिष्ठानों में 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आईसीसी का गठन कानूनन अनिवार्य है। संबंधित अधिकारी समय-समय पर संस्थानों का निरीक्षण कर इसकी जांच करेंगे और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

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