

Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र के मौसम में इन दिनों प्रकृति के दो अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। राज्य का एक हिस्सा जहां भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की चपेट में आकर झुलस रहा है, वहीं दूसरी तरफ कई जिलों में बेमौसम बारिश का संकट मंडरा रहा है। इसी बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज के लिए राज्य का ताजा अनुमान जारी किया है। इस नए पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की आशंका है, तो कुछ इलाकों में सूरज का टॉर्चर जारी रहेगा।
मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कई जिलों में आज मौसम करवट लेगा। यहां गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बेमौसम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। हालांकि, उत्तर मध्य महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर लू की स्थिति भी बनी रहेगी। विदर्भ के जिलों में फिलहाल मौसम मुख्य रूप से Dry रहेगा। लेकिन दोपहर या शाम के वक्त छिटपुट स्थानों पर बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। कुछ जिलों में लू का प्रकोप बना रहेगा। कोंकण क्षेत्र में भी छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। तटीय इलाकों में उमस और गर्मी का असर दिखेगा।
पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र के विदर्भ और खानदेश क्षेत्र में सूरज ने जमकर आग उगली है। कई शहरों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया।
पुणे शहर और आसपास के इलाकों में सुबह आसमान साफ रहेगा, लेकिन दोपहर या शाम ढलते ही आंशिक रूप से बादल छाने (Partly Cloudy) की संभावना है। पुणे शहर और पाषाण में तापमान 38°C से 39°C रहेगा, जबकि लोहगांव और मगरपट्टा में पारा 41°C तक पहुंचने का अनुमान है।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उसके उपनगरों में सुबह के वक्त आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जो शाम तक साफ हो जाएंगे। मुंबई में अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम तापमान 28°C के आसपास रहने की उम्मीद है, जिससे उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 दिनों के दौरान महाराष्ट्र के आंतरिक हिस्सों में अधिकतम (Maximum) तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद इसमें 2-3 डिग्री की गिरावट आएगी। वहीं, न्यूनतम (Minimum) तापमान में भी अगले 48 घंटों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़त देखी जा सकती है। मौसम में आ रहे इस अचानक बदलाव के कारण किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।