दोस्त ने दोस्त के लिए रखा करवा चौथ का व्रत, सोलह श्रृंगार में सजा, छलनी से देखा यार का चेहरा, फिर…

Karwa Chauth वैसे तो पति-पत्नी का त्योहार माना जाता है, लेकिन मध्य प्रदेश के दो लड़कों ने अलग ही कारनामा कर दिखाया है। एक लड़के ने अपने दोस्त के लिए ये व्रत रखा है, वो भी पूरे विधि विधान के साथ।
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दोस्त ने रखा दोस्त के लिए करवा चौथ का व्रत, फोटो- सोशल मीडिया
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Madhya Pradesh के भिंड के सदर बाजार इलाके में शुक्रवार शाम एक युवक दुल्हन की तरह सजा-धजा नजर आया। सिर पर चुनरी, हाथों में चूड़ियां और चेहरे पर मेकअप सब कुछ एक सुहागन की तरह। पहले लोगों ने सोचा कि कोई दुल्हन अपने पति के साथ जा रही है, लेकिन पास जाकर पता चला कि वह कोई महिला नहीं बल्कि युवक विनोद शर्मा है।

भिंड के विनोद शर्मा ने अपने दोस्त की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखा, दुल्हन की तरह सोलह श्रृंगार किया और छलनी से अपने दोस्त का चेहरा देखा। इस नजारे को जिसने भी देखा, हैरान रह गया। विनोद ने बताया कि उसने अपने सबसे करीबी दोस्त गिरीश शर्मा की लंबी उम्र के लिए यह व्रत रखा है। उसका कहना था, “दोस्ती में न कोई जेंडर होता है, न कोई नियम। मैं सिर्फ उसके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना कर रहा हूं।”

पूरा बाजार रह गया दंग

जब विनोद दुल्हन की तरह तैयार होकर बाजार पहुंचा तो लोगों की भीड़ जुट गई। हर कोई इस नजारे को देखकर रुक गया। कुछ लोग वीडियो बनाने लगे तो कुछ ने इसे दोस्ती की नई मिसाल बताया। वहीं, कई लोगों ने इसे ‘ड्रामा’ या ‘बेतुका’ कहकर आलोचना भी की। लेकिन विनोद ने ट्रोल्स की परवाह नहीं की। उसने कहा कि यह उसके दोस्त के प्रति सच्चे प्रेम और सम्मान की अभिव्यक्ति है। विनोद ने कहा “यह कोई मजाक नहीं था, यह भावनाओं की बात थी। करवा चौथ सिर्फ पति-पत्नी के रिश्ते तक सीमित नहीं होना चाहिए, यह उस व्यक्ति के लिए भी हो सकता है जिसके बिना जिंदगी अधूरी लगे।”

भावनात्मक पल बना दोस्ती का प्रतीक

विनोद ने बताया कि यह पूरा आइडिया गिरीश का ही था। दोनों ने मिलकर तय किया कि इस बार करवा चौथ को यादगार बनाया जाएगा। रात में विनोद ने सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक पूजा की और छलनी से गिरीश का चेहरा देखा। यह दृश्य आसपास खड़े लोगों के लिए भी अचरज भरा था। इस अनोखे व्रत ने सोशल मीडिया पर भी हलचल मचा दी है। कई लोग इसे “दोस्ती की मिसाल” बता रहे हैं, तो कुछ इसे सामाजिक परंपराओं को चुनौती देने वाला कदम मान रहे हैं।

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