एमपी के जिस स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर बस स्टैंड, उस गांव में पक्की सड़क तक नहीं

Betul में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विष्णु सिंह का नाम आज भी जिले में सम्मान के साथ लिया जाता है, लेकिन उनके गांव में विकास कोसों दूर है।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विष्णु सिंह (फोटो सोर्स -सोशल मीडिया)
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भोपाल: बैतूल जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विष्णु सिंह का नाम आज भी जिले में सम्मान के साथ लिया जाता है। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए जिला मुख्यालय के बस स्टैंड का नाम उनके नाम पर रखा गया, लेकिन विडंबना यह है कि जिस गांव महेंद्रवाड़ी में उनका जन्म हुआ, वह आज भी विकास से कोसों दूर है। आज़ादी के 75 साल बाद भी इस गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली पक्की सड़क नहीं बन पाई है।

सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के दिनों में हालत और भी बदतर हो जाती है, जिससे गांव पूरी तरह कट जाता है। सरदार विष्णु सिंह के पोते विजय उइके ने कहा कि उनके दादा के नाम पर बस स्टैंड तो बना दिया गया, लेकिन उनके गांव तक पहुंचने के लिए सड़क तक नहीं बनाई गई।

गांव के लोग सड़क के लिए अब भी तरस रहे

महेंद्रवाड़ी तक पक्की सड़क न होने के कारण यहां बस भी नहीं पहुंच पाती। ग्रामीणों को जुवाड़ी या घोड़ाडोंगरी गांव जाकर करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर बस पकड़नी पड़ती है। खासकर बारिश के दिनों में इस कच्ची सड़क पर चलना बेहद मुश्किल हो जाता है। इस मार्ग पर एक पुलिया भी नहीं है, जिससे नाले में पानी बढ़ते ही रास्ता बंद हो जाता है। मध्यप्रदेश की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें..

सिर्फ चुनावी वादे, कोई ठोस कदम नहीं

ग्रामीणों को हर चुनाव में सड़क निर्माण का आश्वासन मिलता रहा है, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। ग्राम पंचायत सचिव ममता कोल ने बताया कि पंचायत इस दूरी की सड़क नहीं बना सकती, इसलिए सरकार को पत्र भेजा गया है। वहीं, सांसद प्रतिनिधि राजेश महतो ने बताया कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत इस सड़क को मंजूरी मिल चुकी है, और अगले बजट में इसका टेंडर होगा। पहले गांव का संपर्क घोड़ाडोंगरी मुख्य मार्ग से था, लेकिन रेलवे गेट बंद होने के कारण यह कट गया। ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि इस बार किए गए वादे सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे।

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