

Yuva Dharma Sansad 2026 organized in Ujjain: महाकाल की नगरी उज्जैन में 17 से 19 सितंबर तक ‘युवा धर्म संसद-2026 अवन्तिका’ का आयोजन होने जा रहा है। गीता भवन में आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 1600 से ज्यादा युवा, विद्यार्थी, शिक्षक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम में धर्म, भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर संवाद होगा। उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत युवाओं को संबोधित करेंगे, जबकि समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
युवा धर्म संसद में देशभर से आए युवाओं को भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान युवाओं की भूमिका, चरित्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों का उद्देश्य युवाओं को भारतीय जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ते हुए समकालीन विषयों पर संवाद का मंच उपलब्ध कराना है। अलग-अलग राज्यों से आने वाले प्रतिभागी अपने क्षेत्र की संस्कृति और अनुभव भी साझा करेंगे।
धर्म संसद को केवल वैचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है। आयोजन स्थल पर कला दीर्घा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुस्तक मेला, युवा पंचायत और जनजातीय मेले का भी आयोजन किया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कलाकार अपनी पेंटिंग्स और कलाकृतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को प्रदर्शित कर रहे हैं। इससे गीता भवन परिसर में युवाओं के संवाद के साथ कला और संस्कृति का भी संगम देखने को मिल रहा है।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में 18 सितंबर को होने वाला सत्र शामिल है, जिसमें आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत युवाओं को संबोधित करेंगे। वहीं तीन दिवसीय आयोजन का समापन 19 सितंबर को होगा। समापन समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों को लेकर प्रस्तुतियां भी होंगी।
आयोजकों के मुताबिक युवा धर्म संसद की श्रृंखला इससे पहले काशी, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार और कांचीपुरम जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक शहरों में आयोजित हो चुकी है। अब धर्म नगरी उज्जैन में इसका आयोजन किया जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाला यह कार्यक्रम युवाओं, विचारों, कला और भारतीय संस्कृति को एक मंच पर लाने का प्रयास है। 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी के चलते उज्जैन में होने वाला यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों के बीच संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अवसर उपलब्ध कराएगा।