उज्जैन में स्कूल शिफ्टिंग के विरोध में छात्राओं का प्रदर्शन; कलेक्टर कार्यालय का किया घेराव

Ujjain School Student Protest: स्कूल शिफ्टिंग के फैसले पर भड़का छात्रों का गुस्सा, 6 किमी दूर दाऊदखेड़ी भेजने के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र-छात्राएं, सुरक्षा और पढ़ाई छूटने की जताई चिंता।
Ujjain students protest against school shifting
स्कूल शिफ्टिंग को लेकर छात्राओं ने जताया विरोध(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Student Protest Against School Shifting Ujjain: उज्जैन में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सराफा और चारधाम क्षेत्र के स्कूलों को दाऊदखेड़ी स्थित सांदीपनि स्कूल में शिफ्ट किए जाने की तैयारी का विद्यार्थियों ने विरोध किया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और स्कूल शिफ्टिंग के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया।

विद्यार्थियों ने करीब दो घंटे तक धरना दिया और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर स्कूलों को मूल स्थान से हटाने के निर्णय पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं और चिंताएं रखीं।

छह किलोमीटर दूर स्कूल भेजने पर जताई आपत्ति

विद्यार्थियों का कहना है कि महाकाल लोक और चारधाम क्षेत्र के पास स्थित स्कूल गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए सुविधाजनक हैं। इन स्कूलों को करीब छह किलोमीटर दूर दाऊदखेड़ी भेजने से छात्र-छात्राओं को रोज लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। खासतौर पर छात्राओं ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि दूर स्थित स्कूल तक पहुंचने के लिए उन्हें असुरक्षित रास्तों से गुजरना पड़ सकता है। इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ेगी और गरीब परिवारों के लिए बेटियों को रोज इतनी दूर भेजना मुश्किल हो सकता है।

छात्राओं ने पढ़ाई छूटने की जताई आशंका

प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने कहा कि स्कूल दूर होने के कारण कई गरीब परिवार अपनी बेटियों को वहां भेजने में सक्षम नहीं होंगे। ऐसे में सैकड़ों छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने और उन्हें स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर होने की आशंका है। विद्यार्थियों ने प्रशासन से मांग की कि स्कूलों को उनके मूल स्थान पर ही यथावत रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल की जमीन और बच्चों के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का हवाला देते हुए कहा कि स्कूलों को दूर शिफ्ट करने का फैसला इस उद्देश्य के विपरीत है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने दिया आश्वासन

विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि स्कूलों की शिफ्टिंग का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो वे आगे भी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र खत्री ने प्रदर्शन कर रही छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि स्कूल शिफ्टिंग को लेकर अंतिम निर्णय जिला स्तरीय बैठक के बाद ही लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं और अन्य पहलुओं पर विचार करने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इसके बाद छात्रों ने प्रशासन से अपने हित में निर्णय लेने की उम्मीद जताई।

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