

Ujjain Sanchi Parlour Shopkeeper Innovation: उज्जैन के देवास रोड स्थित सांची पार्लर के संचालक विशाल सिंह जादौन ने लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से परेशान होकर सुरक्षा का देसी तरीका खोज निकाला। जावरा से इलेक्ट्रिकल पॉलिटेक्निक की पढ़ाई करने वाले विशाल ने वर्ष 2012 में महज 2 हजार रुपये की लागत से टावर बेस्ड अलर्ट सिस्टम तैयार किया।
सीमित संसाधनों में तैयार यह सिस्टम उस दौर में उनके लिए बड़ी उपलब्धि था। इसका मकसद दुकान में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी उन्हें तत्काल देना था, ताकि चोरी की घटना को समय रहते रोका जा सके।
विशाल द्वारा तैयार डिवाइस जीएसएम तकनीक पर आधारित थी। दुकान में किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता चलते ही सिस्टम उनके मोबाइल फोन पर तुरंत मैसेज और कॉल भेज देता था। यानी दुकान से दूर रहने के बावजूद उन्हें वहां की गतिविधि की जानकारी मिल जाती थी। इस स्वदेशी तकनीक की मदद से विशाल ने उज्जैन पुलिस के सहयोग से अब तक 9 बार चोरों को रंगे हाथों पकड़वाने में सफलता हासिल की है। शुरुआती दौर में वे खुद चोरों का पीछा करते थे, लेकिन बाद में एक घटना ने उन्हें तरीका बदलने पर मजबूर कर दिया।
चोरों का पीछा करते समय विशाल पर कंजर गिरोह ने हमला कर दिया था, जिसमें उनकी उंगली कट गई। इस घटना के बाद उन्होंने अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सीधे पुलिस की मदद लेना शुरू किया। अलर्ट मिलते ही वे पुलिस को सूचना देते और पुलिस टीम के साथ मिलकर कार्रवाई की जाती। इस तरह उनका बनाया सिस्टम सिर्फ तकनीकी प्रयोग नहीं रहा, बल्कि चोरी रोकने में पुलिस के लिए भी उपयोगी साबित हुआ।
विशाल का हुनर सिर्फ चोरी रोकने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान और बाढ़ प्रबंधन के लिए भी उपयोगी डिवाइस तैयार कीं। वर्ष 2013 से 2017 के बीच उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), गृह मंत्रालय और BSF तक जाकर अपनी तकनीक का प्रदर्शन किया। हालांकि, सरकारी स्तर पर आर्थिक और तकनीकी सहयोग नहीं मिलने के कारण वर्ष 2017 में उन्हें अपने प्रोजेक्ट बंद करने पड़े। आज ऐसे मोशन और अलार्म सिस्टम 5 हजार रुपये से कम कीमत में बाजार और ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन 14 साल पहले सीमित संसाधनों में 2 हजार रुपये में तैयार विशाल का यह स्वदेशी इनोवेशन आज भी उनकी तकनीकी सोच और जज्बे की प्रेरणादायक मिसाल है।