Ujjain Portable CCTV : उज्जैन शहर में बड़े धार्मिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उज्जैन पुलिस ने नया तकनीकी प्रयोग किया है। पुलिस ने एक ऐसा पोर्टेबल CCTV मॉडल तैयार किया है, जिसे जरूरत के अनुसार किसी भी स्थान पर लगाया जा सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए स्थायी बिजली कनेक्शन की आवश्यकता नहीं पड़ती। इस स्वदेशी तकनीकी नवाचार को पुलिस की रेडियो शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक गौरव जयसवाल ने तैयार किया है।
बाबा महाकाल की पांचवीं सवारी के दौरान इस पोर्टेबल CCTV मॉडल का सफल परीक्षण किया गया। सवारी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के चलते शहर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की जरूरत थी। इसी को देखते हुए पोर्टेबल कैमरों को गुदरी चौराहा, हरसिद्धि पाल, रामघाट, रामानुजकोट और कमरी मार्ग जैसे पांच महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाया गया। इससे इन इलाकों में पुलिस की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिली।
धार्मिक आयोजनों के दौरान कई ऐसे स्थान होते हैं जहां स्थायी CCTV कैमरे लगाना आसान नहीं होता। भीड़ का स्थान बदलने या किसी विशेष क्षेत्र में अचानक निगरानी बढ़ाने की जरूरत भी पड़ सकती है। ऐसे में पोर्टेबल CCTV पुलिस के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। जरूरत के मुताबिक कैमरे को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाकर तत्काल निगरानी शुरू की जा सकती है।
इस पोर्टेबल CCTV की सबसे बड़ी खासियत इसका SIM आधारित सिस्टम है। यह नियमित बिजली कनेक्शन पर निर्भर नहीं है और संचार व्यवस्था के जरिए लाइव फुटेज उपलब्ध कराने में सक्षम है। संवेदनशील स्थान पर कैमरा पहुंचाने के बाद पुलिस वहां की गतिविधियों पर नजर रख सकती है। कैमरे में रिकॉर्ड होने वाला फुटेज किसी घटना की जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
उज्जैन पुलिस की रेडियो शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक गौरव जयसवाल ने करीब एक महीने की मेहनत के बाद इस मॉडल को तैयार किया। स्वदेशी तकनीक और जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल किए जाने की क्षमता इस मॉडल को खास बनाती है। महाकाल की सवारी के दौरान इसके व्यावहारिक उपयोग का परीक्षण किया गया, जिसके बाद पुलिस इसे आगे और विकसित करने की तैयारी में है।
महाकाल की सवारी के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी उज्जैन पुलिस के इस तकनीकी नवाचार का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। उज्जैन में महाकाल की सवारी, धार्मिक पर्व और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालु और लोग शहर में पहुंचते हैं। ऐसे में स्थायी CCTV नेटवर्क के साथ पोर्टेबल कैमरों का इस्तेमाल सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बना सकता है।
उज्जैन पुलिस अब इसी मॉडल के करीब 10 और पोर्टेबल CCTV कैमरे तैयार कराने की दिशा में काम कर रही है। इन्हें ऐसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर इस्तेमाल किया जा सकेगा, जहां स्थायी कैमरे लगाना मुश्किल है। इससे पुलिस जरूरत के अनुसार अपनी निगरानी व्यवस्था को तेजी से बदल सकेगी। यानी अब सुरक्षा कैमरे सिर्फ एक जगह पर स्थायी रूप से लगे रहने के बजाय जरूरत पड़ने पर मौके तक पहुंचकर निगरानी करेंगे।