

Ujjain Cyber Roppery Fake MBBS Seat Case: उज्जैन की थाना नीलगंगा पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर आरोपी सुमन्त्र गुप्ता को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पश्चिम श्री गुरु प्रसाद पाराशर एवं नगर पुलिस अधीक्षक माधवनगर श्रीमती दीपिका शिंदे के मार्गदर्शन में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब उज्जैन के मंच्छामन चौराहा निवासी फरियादी सतीश चंद्र पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके बेटे के एमबीबीएस एडमिशन के लिए एक व्यक्ति ने खुद को कटिहार मेडिकल कॉलेज (बिहार) का प्रिंसिपल बताकर संपर्क किया था।
आरोपी ने सीट खाली होने का झांसा देकर फरियादी से शैक्षणिक और पहचान संबंधी दस्तावेज लिए और सीट बुकिंग के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹4,25,000 ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर फर्जी अलॉटमेंट लेटर और अन्य कूट रचित दस्तावेज भी भेजे। जब फरियादी असलियत जानने कटिहार मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तो वहां के वास्तविक प्रिंसिपल से पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, जिसके बाद थाना नीलगंगा में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शनों का गहन विश्लेषण किया। साइबर सेल की मदद से आरोपी की पहचान सुमन्त्र गुप्ता पिता सैबल गुप्ता (उम्र 45 वर्ष) निवासी सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई, जिसे पुलिस टीम ने सिलीगुड़ी में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर उज्जैन लाया गया है और उससे पूछताछ जारी है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और धोखाधड़ी की राशि के बारे में पता लगाया जा सके।
आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड ली जाएगी ताकि संपत्ति और अन्य साक्ष्यों की जब्ती की जा सके। इस बड़ी कामयाबी में थाना प्रभारी नीलगंगा निरीक्षक तरुण कुरील, उप निरीक्षक यादवेंद्र सिंह, आरक्षक पुष्पराज, आरक्षक अंकित और साइबर सेल उज्जैन की सराहनीय भूमिका रही है।
इस घटना के बाद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मेडिकल या इंजीनियरिंग संस्थानों में एडमिशन के नाम पर आने वाले फोन या सोशल मीडिया संदेशों पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें और किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
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