उज्जैन वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, तंत्र-मंत्र के नाम पर हठ जोड़ी बेचने वाला गिरफ्तार; मोबाइल से मिले अहम सबूत

Wildlife Crime Ujjain: उज्जैन वन विभाग का बड़ा ऐक्शन, हरसिद्धि क्षेत्र से प्रतिबंधित वन्यजीव अंग 'हठ जोड़ी' बेचता युवक गिरफ्तार, मोबाइल चैट से खुले तस्करी के कई राज।
Ujjain Forest Department arrests accused for allegedly selling Hatha Jodi in the name of tantra-mantra
उज्जैन वन विभाग की बड़ी कार्रवाई (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ujjain Forest Department Big Action: तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर प्रतिबंधित वन्यजीवों के अंग बेचने के मामले में उज्जैन वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान यश शर्मा (35 वर्ष) निवासी हरसिद्धि की पाल के रूप में हुई है। वह हरसिद्धि मंदिर क्षेत्र के सामने स्थित अपनी दुकान से कथित तौर पर 'हठ जोड़ी' सहित वन्यजीवों से जुड़े प्रतिबंधित अवशेष बेच रहा था।

वन मंडल अधिकारी अनुराग तिवारी ने बताया कि विभाग को लंबे समय से आरोपी की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसके बाद वन विभाग ने एक व्यक्ति को ग्राहक बनाकर दुकान पर भेजा। सौदा तय होने के बाद टीम ने दुकान पर दबिश दी, जहां से 7 हठ जोड़ी बरामद की गईं।

आरोपी के फोन में मिले वन्यजीवों से जुड़ी तस्वीरें

जांच के दौरान आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। मोबाइल में वन्यजीवों से जुड़े कई प्रतिबंधित आर्टिफैक्ट्स की तस्वीरें, व्हाट्सएप चैट और लेन-देन से जुड़े शुरुआती सबूत मिले हैं। इससे अंदेशा है कि आरोपी काफी समय से इस अवैध कारोबार से जुड़ा था और कई लोगों से संपर्क में था।

बरामद सामग्री को वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा

वन विभाग के अनुसार, बरामद सामग्री को वैज्ञानिक जांच के लिए जबलपुर स्थित वन्यजीव फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि आरोपी यह सामग्री कहां से लाता था और किन-किन लोगों को बेचता था। इसके लिए मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।

पढ़ाई के साथ अवैध कारोबार में शामिल था आरोपी

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पढ़ाई के साथ-साथ इस अवैध कारोबार में भी शामिल था। हालांकि इस संबंध में पूछताछ जारी है और जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि बरामद सामग्री संरक्षित वन्यजीव मॉनिटर छिपकली (गोह) से जुड़ी है, तो मामले में और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

वन मंडल अधिकारी अनुराग तिवारी ने लोगों से अपील की है कि तंत्र-मंत्र के नाम पर बेचे जाने वाले ऐसे सामानों के झांसे में न आएं। यह पूरी तरह प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है। यदि किसी को इस तरह की गतिविधि की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि वन्यजीवों की तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

https://youtu.be/YBfY44YkSeM?si=RD4iSPYRynPqeGeZ

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