

उज्जैन कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त ने बाबू रोहित गोठवाल को रिश्वत लेते पकड़ा।
एडीएम कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी 20 हजार लेते गिरफ्तार।
शिकायत पर कार्रवाई और फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर मांगी थी रिश्वत।
ADM Office Clerk Caught Taking Bribe Ujjain: उज्जैन कलेक्ट्रेट परिसर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी रोहित गोठवाल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कर्मचारी एक पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करने और संबंधित फाइल आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया।
पूरा मामला नागदा के बिरलाग्राम निवासी बृजेश विश्वकर्मा की शिकायत से जुड़ा है। बृजेश ने लोकायुक्त को बताया था कि उनकी माताजी के दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाला गैस कनेक्शन किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया गया। इस संबंध में उन्होंने कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद खाद्य विभाग ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट एडीएम कार्यालय को भेज दी थी।
आवेदक का आरोप था कि खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद भी मामले में आगे की कार्रवाई नहीं हो रही थी। एडीएम कार्यालय में पदस्थ बाबू रोहित गोठवाल फाइल आगे बढ़ाने और शिकायत पर उचित कार्रवाई कराने के नाम पर उनसे रिश्वत की मांग कर रहा था। परेशान होकर बृजेश विश्वकर्मा ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतकर्ता ने 29 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी दी थी। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद आरोपी कर्मचारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना तैयार की गई। लोकायुक्त टीम ने तय रणनीति के तहत कार्रवाई को अंजाम देने की तैयारी की।
5 नवंबर 2026 को लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख और डीआईजी मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित की निगरानी में टीम ने कार्रवाई की। जैसे ही रोहित गोठवाल ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से कलेक्ट्रेट परिसर में हलचल मच गई।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी रोहित गोठवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन से जुड़े मूल मामले में किन स्तरों पर लापरवाही या अनियमितता हुई थी। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में आम लोगों की शिकायतों के निराकरण और भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।