

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में रक्षाबंधन पर्व पर हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस बार भी बाबा महाकाल को सवा लाख मोदक-लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
महाभोग निर्माण की शुरुआत विधि-विधान से भट्टी पूजन के साथ की गई। पुजारी परिवार द्वारा निभाई जाने वाली इस परंपरा को लेकर श्रद्धालुओं में भी खास उत्साह है।
महाभोग निर्माण की शुरुआत मंदिर के पुजारी राजेश शर्मा, आकाश शर्मा और ओम शर्मा के मार्गदर्शन में हुई। भट्टी पूजन के बाद पुजारियों ने अपने हाथों से प्रथम लड्डू तैयार किया। इसके साथ ही सवा लाख लड्डुओं के निर्माण की प्रक्रिया विधिवत शुरू हो गई। पुजारी परिवार द्वारा इस परंपरा को बाबा महाकाल के प्रति आस्था, श्रद्धा और समर्पण के रूप में निभाया जाता है। निर्माण के दौरान प्रसाद की शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
सवा लाख लड्डुओं के निर्माण में बड़ी मात्रा में सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इसके लिए करीब 15 क्विंटल बेसन, 10 क्विंटल शुद्ध घी, 15 क्विंटल शक्कर भूरा, 2 क्विंटल मेवे और इलायची सहित अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। करीब तीन दिनों तक चलने वाले इस विशाल निर्माण कार्य में कई कुशल हलवाई और कर्मचारी जुटे हुए हैं। धर्मनगरी उज्जैन में प्रसाद तैयार करने के दौरान सामग्री की गुणवत्ता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भस्म आरती और महाआरती के दौरान सवा लाख लड्डुओं का महाभोग बाबा महाकाल को अर्पित किया जाएगा। महाकाल मंदिर में होने वाला यह आयोजन धार्मिक आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। महाभोग तैयार होने के बाद विधि-विधान से भगवान श्री महाकालेश्वर को समर्पित किया जाएगा। रक्षाबंधन पर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा