उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में जन्माष्टमी की धूम; फूलो के बंगले में विराजे श्रीकृष्ण

Janmashtami Celebration Ujjain: सांदीपनि आश्रम में जन्माष्टमी पर जयपुर के फूलों से भव्य फूल बंगला सजाया गया। रोहिणी नक्षत्र के संयोग में रात 12 बजे जन्म आरती, केसर स्नान और नंदोत्सव होगा।
Janmashtami celebration at Sandipani Ashram in Ujjain
सांदीपनि आश्रम में जन्माष्टमी की धूम(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Sandipani Ashram Janmashtami Celebration: भगवान श्रीकृष्ण की प्रसिद्ध शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम में जन्माष्टमी पर्व उल्लास, भक्ति और धार्मिक परंपराओं के साथ मनाया जा रहा है। शुक्रवार सुबह से ही आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। जन्माष्टमी के विशेष अवसर पर पूरे आश्रम को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। जयपुर से विशेष रूप से मंगाए गए रंग-बिरंगे फूलों से भगवान के लिए भव्य फूल बंगला तैयार किया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

आश्रम के गुरु पंडित राहुल व्यास ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, इसलिए इस संयोग को बेहद शुभ माना जा रहा है। मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण की जन्म आरती की जाएगी। इससे पहले महापूजन की विशेष तैयारियां की गई हैं। महापूजन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का विधि-विधान से केसर स्नान कराया जाएगा और उन्हें सांदीपनि वंश परिवार द्वारा तैयार की गई पारंपरिक विशेष पोशाक धारण कराई जाएगी।

केसर स्नान के बाद होगा नंदोत्सव

मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती होगी। जन्म आरती के बाद भक्तों को भगवान के विशेष श्रृंगार के दर्शन होंगे। इसके पश्चात परंपरागत रूप से नंदोत्सव मनाया जाएगा। जन्माष्टमी के मौके पर आश्रम में होने वाले इन धार्मिक आयोजनों को देखने और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। आश्रम प्रबंधन द्वारा भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को व्यवस्थित किया गया है।

बारिश से बचाव के लिए लगाए वॉटरप्रूफ शेड

जन्माष्टमी पर देश-विदेश से श्रद्धालुओं के सांदीपनि आश्रम पहुंचने को देखते हुए परिसर में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मौसम को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए वॉटरप्रूफ शेड लगाए गए हैं, ताकि बारिश होने की स्थिति में भी भक्त कतार में सुरक्षित रहकर भगवान के दर्शन कर सकें। आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को लेकर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते नजर आए।

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64 दिनों में 64 कलाएं और 14 विद्याओं का ज्ञान

सांदीपनि आश्रम का भगवान श्रीकृष्ण से गहरा पौराणिक और धार्मिक संबंध माना जाता है। मान्यता है कि महर्षि सांदीपनि के इसी आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने अपने बड़े भाई बलराम और मित्र सुदामा के साथ शिक्षा ग्रहण की थी। कहा जाता है कि श्रीकृष्ण ने यहां मात्र 64 दिनों में 64 कलाओं और 14 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त किया था। इसी वजह से उज्जैन शहर स्थित सांदीपनि आश्रम को भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली के रूप में विशेष पहचान मिली है। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां दर्शन और पूजन का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस बार भी जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह दिखाई दे रहा है।

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