उज्जैन प्रशासन की 'फ्यूल सेविंग' टेक्निक! 15 अफसर अलग-अलग कारों को छोड़ एक बस में हुए सवार; बचा रहे सरकारी पैसा

Fuel Saving Ujjain: सिंहस्थ की तैयारियों के बीच अधिकारियों ने ईंधन बचाने के लिए अनूठी पहल की। 15 वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग गाड़ियों के बजाय एक ही बस से घाट क्षेत्र का निरीक्षण किया।
Ujjain Admin Fuel Saving Simhastha 2028 Inspection News Update
उज्जैन में अधिकारियों की सराहनीय पहल (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ujjain Officers Fuel Saving Initiative: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत संबंधी अपील और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद उज्जैन जिला प्रशासन ने भी फ्यूल बचाने की पहल शुरू कर दी है। बुधवार से सिंहस्थ से जुड़े कार्यों के निरीक्षण के दौरान अधिकारी अलग-अलग वाहनों के बजाय एक ही वाहन में यात्रा कर रहे हैं।

बुधवार सुबह संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्र, यूडीए सीईओ संदीप सोनी समेत करीब 15 अधिकारी एक साथ अर्बेनिया वाहन में सवार होकर सिंहस्थ मेले के लिए तैयार किए जा रहे 29 किलोमीटर लंबे घाट क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण दल में राजस्व, जल संसाधन और ट्रैफिक विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे।

एक हफ्ते से हर रोज किया जा रहा निरीक्षण

बता दें कि, पिछले एक सप्ताह से मध्य प्रदेश के उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों का अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। प्रतिदिन कमिश्नर, कलेक्टर, अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी और जल संसाधन विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी अलग-अलग करीब 15 वाहनों से निरीक्षण के लिए पहुंचते थे। इस दौरान उन्हें लगभग 16 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी।

अधिकारियों की कार से हो रहा था इतना खर्च

करीब 15 अधिकारी प्रतिदिन सिंहस्थ क्षेत्र में लगभग 16 किलोमीटर का निरीक्षण दौरा करते हैं। इसके अलावा उन्हें अपने सरकारी आवास से घाट क्षेत्र तक पहुंचने के लिए भी करीब 5 से 7 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। अधिकांश अधिकारी इनोवा वाहनों का उपयोग कर रहे थे, जिनका औसत माइलेज लगभग 10 किलोमीटर प्रति लीटर है। निरीक्षण के दौरान वाहनों के एसी लगातार चालू रहने से ईंधन की खपत और बढ़ जाती थी। अनुमान के मुताबिक प्रत्येक वाहन में करीब 4 लीटर पेट्रोल या डीजल खर्च हो रहा था। इस हिसाब से 15 वाहनों पर प्रतिदिन लगभग 6,750 रुपए का खर्च आ रहा था।

बुधवार को ट्रैवलर बस से की यात्रा

अब अधिकारियों ने बुधवार से ट्रैवलर बस के जरिए सामूहिक यात्रा शुरू कर दी है। पहले दिन बस ने करीब 12 किलोमीटर का सफर तय किया, जिसमें लगभग ढाई लीटर डीजल की खपत हुई। इसकी लागत 250 रुपए से भी कम रही। हालांकि प्रशासन ने इस ट्रैवलर बस को प्रतिदिन 4,100 रुपए किराए पर लिया है।

6 किलोमीटर पैदल भ्रमण कर अधिकारी कर रहे निरीक्षण

सिंहस्थ 2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासनिक अमला लगातार तैयारियों में जुटा हुआ है। घाटों तक पहुंचने वाले प्रस्तावित एप्रोच रोड के स्थान तय करने के लिए अधिकारी प्रतिदिन सुबह 6 बजे से मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान अधिकारी करीब 6 किलोमीटर क्षेत्र में पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं।

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